CATEGORY
यह कॉर्पोरेट कल्चर कांग्रेस का
भगवान के लिए देश को तो बख्श दीजिए
यात्रा नहीं, तफरीह कर रहे हैं राहुल
‘आप’ तो ऐसे न थे
निजी अक्ल का इस्तेमाल कभी करेंगे या नहीं राहुल ?
हम अभिशप्त हैं ऐसे केक के उदाहरण झेलने को
इस प्रचंड के अखंड रहने की आशा
मायने इंदौर में सिख कीर्तनकार के गुस्से के…
हिंदू शब्द के भावार्थ को समझें जर्किहोली
मुड़ गए घुटने पेट की तरफ