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श्री गोविंदजी के हवाले करें शांति का टापू

तो साहब रामबाई और गोविंद इस वक्त मध्यप्रदेश की सरकार के ब्रांड एंबेसेडर बन चुके हैं। हर ओर उनका चर्चा है। अपन तो मान गये कि हो न हो, मोहनदास करमचंद गांधी का असली शिष्य कमलनाथ के अलावा और कोई नहीं हो सकता। गांधी ने कहा था, पाप से घृणा करो, पापी से नहीं। नाथ ने यकीनन हत्या जैसे पाप से घृणा की, लेकिन पापी को माफ करने के सारे रास्ते खोल दिये हैं। सच कहें तो मितव्ययता के लिहाज से भी उनके ऐसे कदम पूरी तरह सही हैं। रामबाई को नाराज किया तो दो बातें होंगी। या तो वह समर्थन वापस लेंगी या नहीं लेंगी। न लेने का तो सवाल ही नहीं उठता। समर्थन वापस लिया तो दो बातें होंगी। या तो सरकार बचेगी या फिर गिरेगी। बचने का तो सवाल ही नहीं उठता। सरकार गिरी तो दो बातें होंगी। या तो नया चुनाव होगा या फिर भाजपा को बहुमत साबित करने का मौका मिल जाए। इन दोनो ही हालात में पैसे का भारी खर्च होना है। चुनाव हुआ तो देश का करोड़ों रुपया खर्च होना तय है। चुनाव न हुआ तो विधायकों की जुगाड़ में भाजपाइयों की पंद्रह साल तक लगातार भरी जेब ढीली होना सुनिश्चित है। नाथ को देश सहित भाजपा की भी आर्थिक स्थिति की चिंता है। इसीलिए वह गोविंद प्रकरण में चुपचाप सब कुछ गलत/अनैतिक/अनाचारपूर्ण/शर्मनाक/धिक्कारजनक और आदि-आदि हो जाने दे रहे हैं।   आगे पढ़ें

फर्स्ट कॉलम (प्रकाश भटनागर) और भी

राज्य और भी

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विधानसभा में जयवर्धन सिंह ने कहा- मेट्रो का मंडीदीप, औबेदुल्लागंज और सीहोर तक करेंगे विस्तार

जयवर्धन सिंह ने कहा कि स्वच्छता के लिए पिछली सरकार ने क्लस्टर मॉडल अपनाया था। इसमें एक शहर का कचरा, दूसरे शहर में जाता था। इस मॉडल को खत्म कर दिया गया है। अब इंदौर मॉडल पर ही पूरे प्रदेश में सफाई की जाएगी। सिंह ने कहा कि अवैध कॉलोनी को वैध करने के लिए 1998 में दिग्विजय सिंह ने नीति लाई थी। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने अवैध कॉलोनी को वैध करने पर रोक लगाई थी। अब इन कॉलोनियों को वैध करने के लिए नियमों में संशोधन किया जाएगा। जयवर्धन सिंह ने कहा कि शहरों में रहने वाले लोगों को 24 घंटे में विवाह प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। इसका पायलट प्रोजेक्ट इंदौर में शुरू किया जा रहा है, सफल होने पर पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।   आगे पढ़ें

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स्कूली बच्चों से उठवाई मध्यान्ह भोजन की बोरियां, सोशल मीडिया में वीडियो हुआ वायरल

वीडियो एक-दो दिन पहले का बताया जा रहा है। वीडियो के मुताबिक, अनाज की बोरियां लेकर आए वाहन चालक ने बोरियां स्कूल से कुछ दूर मुख्य मार्ग पर पटक दी थीं। तब स्कूल प्रबंधन ने बच्चों से बोरियां अंदर रखने को कह दिया। छह बच्चे 50-50 किलो वजन की एक-एक बोरी उठाकर रसोई कक्ष तक ले गए। इस कवायद में बच्चे पसीने से तरबतर हो रहे थे। वहीं शिक्षक उनकी मदद करने की बजाय निर्देश देने में जुटे थे।   आगे पढ़ें

राजनीति और भी

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उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे का राजनीतिक भविष्य संवारने में जुटे ‘पीके’, पहुंचाएंगे सीएम की कुर्सी तक!

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ही बीजेपी के रणनीतिकार थे। उन्हीं के कारण नरेंद्र मोदी भारी बहुमत से सरकार बनाने में सफल रहे थे। इतना ही नहीं बिहार में जब बीजेपी और जेडीयू एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में थे, प्रशांत ही थे जिन्होंने नीतीश और लालू यादव की जोड़ी को सत्ता तक पहुंचा दिया था। हालिया आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी प्रशांत ने जगन मोहन रेड्डी के लिए रणनीति तैयार की और उसका परिणाम काफी सुखद रहा। ना सिर्फ जगन की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस बड़ी जीत दर्ज कर सकी बल्कि जगन सीएम की कुर्सी तक भी पहुंचे।   आगे पढ़ें

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कर्नाटक संकट: भाजपा और गठबंधन ने झोंकी ताकत, बहुमत परीक्षण हुआ तो आज गिर जाएगी सरकार

कर्नाटक में राजनीतिक संकट जारी है और बहुमत परीक्षण से पहले कांग्रेस-जेडी(एस) और भारतीय जनता पार्टी कैंप पूरी ताकत झोंक रहे हैं। सत्ताधारी गठबंधन जहां नाराज विधायकों को मनाने की कोशिश तक कर चुका है, वहीं बीजेपी के नेता बिल्कुल आश्वस्त नजर आ रहे हैं कि बहुमत परीक्षण होता है तो कांग्रेस-जेडी(एस) सरकार गिर जाएगी। विधानसभा में सोमवार को बहुमत परीक्षण होने की संभावना भी है।   आगे पढ़ें

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नशा और नंगई के बीच नौनिहाल

कई बहुप्रतिष्ठित अखबारों पर यह आरोप लग चुका है कि वे यूजर्स, लाईक,हिट्स बढ़ाने के लिए पोर्न सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि यूजर्स की संख्या के आधार पर ही विग्यपन मिलते हैं। यानी कि वर्जनाओं को वैसे ही फूटने का मौका मिला जैसे कि बाढ़ में बाँध फूटते हैं। सारी नैतिकता इसके सैलाब में बह गई। कमाल की बात यह कि साँस्कृतिक झंडाबरदारी करने वाली सरकार ने इस पर दृढता नहीं दिखाई। इंदौर हाईकोर्ट के वकील कमलेश वासवानी की जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने 850 पोर्नसाईटस पर प्रतिबंध लगाने को कहा। सरकार ने दृढ़ता के साथ कार्रवाई शुरू तो की लेकिन जल्दी ही कदम पीछे खींच लिए।   आगे पढ़ें

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चाचा का खत, भतीजे के नाम

जो निराशावादी मान रहे थे सभरवाल कांड, देशव्यापी मॉब लिंचिंग महायज्ञ एवं गौसंरक्षण आतंकवाद महाअभियान की अलख इस राज्य में मंद पड़ने लगी हैं, उन्हें आज आप और आपके मित्र मंडल ने निराशा से पूरी तरह उबार लिया है।   आगे पढ़ें

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