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झा के गुस्से की ऐसी टाइमिंग

रामलाल तो वापस संघ में चले गये। रामलाल का भाजपा से संघ में लौटना ही अपने आप में एक बड़ी घटना है। शाह संगठन की बागडोर नड्डा के हाथ सौंपकर गृह मंत्रालय के बिगड़े ग्रह सुधारने में जुट गये हैं। मोदी लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद कांग्रेस मुक्त भारत के सपने को पूरा करने में लग गये हैं। इन सबके बीच किस मुहूर्त में झा ने ऐसा किया है, यह समझ नहीं आ पा रहा। झा पर्याप्त रूप से चतुरसुजान हैं। संबंध एवं संपर्क की ऊष्मा को जिलाये रखने का उनका अपना प्रभावी तरीका है। याददाश्त के धनी हैं। तो ऐसा क्यों नहीं हुआ कि इस तरह की बातें समय रहते ही कह दी गयीं? यदि चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण को चंद घंटे पहले यकायक रोका जाना चौंकाता है तो इन मिसाइलनुमा ट्वीट्स के प्रक्षेपण में इतनी देरी भी हैरत में डाल रही है। यदि वाकई संगठन में इतना कुछ गलत हो रहा था, तो झा की यह जिम्मेदारी थी कि उसी समय अपनी बात रखते। वह धाकड़ हैं। पत्रकारिता करते हुए ग्वालियर में बैठकर महल के खिलाफ लिखने तथा कहने का साहस उन्होंने दिखाया था। यदि वह खुलकर पहले ही यह सब कहते तो संभव था कि पार्टी उनकी बात पर विचार कर कुछ सुधारात्मक कदम उठाती। या फिर यह होता कि उन्हें ही उठाकर सुधार देती, लेकिन कुछ न कुछ तो होता ही ना! अब सांप के गुजर जाने के बाद लाठी पीटने का भला क्या औचित्य रह जाता है। read more   आगे पढ़ें

फर्स्ट कॉलम (प्रकाश भटनागर) और भी

राज्य और भी

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वनवासियों की जमीनी हकीकत जानने जंगल-जंगल जा रहे वनमंत्री सिंघार

वनवासियों ने वनमंत्री सिंघार को अपनी समस्याएं बताईं और आरोप लगाया कि बाहरी लोग जंगल पर कब्जा कर रहे हैं और वन विभाग वनवासियों को परेशान कर रहा है। इस पर वनमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होगा। जंगल और वनवासियों के बीच जाने को लेकर सवाल पूछे जाने पर सिंघार ने कहा, हम जब तक वनवासियों के बीच नहीं जाएंगे, जंगल को करीब से नहीं देखेंगे, तब तक वास्तविकता का पता नहीं चल सकेगा। यही कारण है कि जब भी मौका मिलता है, इन स्थानों पर जाना उचित समझता हूं। जंगल और वनवासियों की स्थिति को सुधारने के उपाय तभी किए जा सकेंगे, जब सही तस्वीर सामने होगी।   आगे पढ़ें

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पांचवीं-आठवीं के बच्चों का होगा मासिक मूल्यांकन, स्कूल शिक्षा विभाग ने की तैयारी

मासिक मूल्यांकन या सीसीई (कंटीन्युअस एंड कॉम्प्रिहेंसिव इवैल्यूएशन) प्रश्नपत्र आधारित होगा। विद्यार्थियों के लिखे उत्तरों के आधार पर सामने आई समस्याओं से सीखने की कमियों की पहचान की जाएगी। मासिक मूल्यांकन की व्यवस्था सिर्फ उन्हीं स्कूलों में रहेगी, जहां सीसीई सिस्टम के तहत बदलाव किए गए हैं। अन्य स्कूलों में 5वीं और 8वीं में अध्ययनरत् बच्चों का त्रैमासिक मूल्यांकन होगा। यह सितंबर में किया जाएगा। इससे प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर बेहतर शिक्षा हासिल करने के बाद आगे की पढ़ाई में उन्हें आसानी होगी। इसके लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।   आगे पढ़ें

राजनीति और भी

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संसदीय दल की बैठक में मोदी ने दिखाई सख्ती, ड्यूटी पर नहीं आने वाले मंत्रियों के मांगे नाम

भारतीय जनता पार्टी की संसदीय दल बैठक मंगलवार को संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की। इस दौरान पीएम ने सांसदों से समाज सेवा से जुड़ने के लिए कहा। साथ ही मंत्रियों के काम को लेकर सख्ती भी दिखाई। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के बाद भी मंत्रियों के नहीं आने पर विपक्ष शिकायत करता है। उन्होंने ऐसे मंत्रियों के नाम भी मांगे जो ड्यूटी पर नहीं जाते।   आगे पढ़ें

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एनआईए संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान ओवैसी ने शाह पर साधा निशाना, कहा- वह गृहमंत्री हैं भगवान नहीं

ओवैसी ने कहा, 'क्या उन्होंने राष्ट्रभक्त और देशद्रोहियों की दुकान खोल रखी है?' हैदराबाद के सांसद ने आरोप लगाया, 'अमित शाह ने मेरी तरफ उंगली कर धमकाया लेकिन वह सिर्फ एक गृह मंत्री, भगवान नहीं। उन्हें पहले नियमों को पढ़ना चाहिए।' इससे पहले एनआईए संशोधन विधेयक पर लोकसभा में जमकर बवाल हुआ। दरअसल, हुआ यूं कि बीजेपी नेता सत्यपाल सिंह ने कहा कि हैदराबाद के एक पुलिस प्रमुख को एक नेता ने एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने से रोका था और कहा था कि वह कार्रवाई आगे बढ़ाते हैं तो उनके लिए मुश्किल हो जाएगी। इस पर ओवैसी अपने स्थान पर खड़े हो गए और कहा कि बीजेपी सदस्य जिस निजी वातार्लाप का उल्लेख कर रहे हैं और जिनकी बात कर रहे हैं वह यहां मौजूद नहीं हैं।   आगे पढ़ें

वीडियो गैलरी और भी

सियासी तर्जुमा

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महज पांच विधायकों पर आ गया कांग्रेस को बचाने का जिम्मा

बीते दो ढाई सालों में कांग्रेस भाजपा के हाथों 13 विधायक गंवा चुकी है। वे अब सदन में भाजपा के भारी बहुमत का परचम लहरा रहे हैं।   आगे पढ़ें

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कांग्रेस का नया राष्ट्रीय तराना

मुद्दा यह कि राहुल की मंशा सामने आ गयी है। वह चाहते थे कि उनके इस्तीफे की पेशकश के समर्थन में तमाम आला कांग्रेसी पद छोड़ दें। यह पार्टी पूर्व में कई बार यह प्रयोग कर चुकी है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। तो गांधी को चुप्पी तोड़ना पड़ गयी। कमलनाथ अपने इस्तीफे की पेशकश की बात कह रहे हैं, लेकिन इस्तीफा नहीं दे रहे। अशोक गेहलोत और भूपेश बघेल भी त्यागपत्र के नाम पर प्रतीकात्मक रुख ही दिखा रहे हैं। गोया कि उनका इस्तीफा दिल में है, उसे कागज पर उतारने में उनकी कोई रुचि नहीं है। तो क्या इनके लिए ही धवन आगे लिख गये हैं, कुछ ऐसी आग लगी मन में, जीने भी ना दे मरने भी ना दे। चुप हूं तो कलेजा जलता है, बोलूं तो तेरी रुसवाई है। क्योंकि मामला तो ऐसा ही दिखता है। कांगे्रस की दिल्ली तो केवल सुलग रही है, लेकिन ये तीन मुख्यमंत्री तो कर्ज माफी की आग में जल-जलकर झुलस गये। दस दिन में किसानों की ऋण-मुक्ति का झूठ कुछ ऐसा उलटा पड़ा कि मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में लोकसभा चुनाव का नतीजा पार्टी के लिए किसी शाप की तरह सामने आया। गांधी का यह वादा पहले इन तीनों की फजीहत की वजह बना और अब उनकी मुसीबत बन गया है। तीनों की स्थिति विचित्र है। क्योंकि चुप रहने पर उनका कलेजा जलता है और कुछ बोल दिया तो राहुल की रुसवाई का सार्वजनिक हो जाना तय है।   आगे पढ़ें

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नज़रिया और भी

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नशा और नंगई के बीच नौनिहाल

कई बहुप्रतिष्ठित अखबारों पर यह आरोप लग चुका है कि वे यूजर्स, लाईक,हिट्स बढ़ाने के लिए पोर्न सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि यूजर्स की संख्या के आधार पर ही विग्यपन मिलते हैं। यानी कि वर्जनाओं को वैसे ही फूटने का मौका मिला जैसे कि बाढ़ में बाँध फूटते हैं। सारी नैतिकता इसके सैलाब में बह गई। कमाल की बात यह कि साँस्कृतिक झंडाबरदारी करने वाली सरकार ने इस पर दृढता नहीं दिखाई। इंदौर हाईकोर्ट के वकील कमलेश वासवानी की जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने 850 पोर्नसाईटस पर प्रतिबंध लगाने को कहा। सरकार ने दृढ़ता के साथ कार्रवाई शुरू तो की लेकिन जल्दी ही कदम पीछे खींच लिए।   आगे पढ़ें

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चाचा का खत, भतीजे के नाम

जो निराशावादी मान रहे थे सभरवाल कांड, देशव्यापी मॉब लिंचिंग महायज्ञ एवं गौसंरक्षण आतंकवाद महाअभियान की अलख इस राज्य में मंद पड़ने लगी हैं, उन्हें आज आप और आपके मित्र मंडल ने निराशा से पूरी तरह उबार लिया है।   आगे पढ़ें

फोटो गैलरी और भी