25 C
Bhopal

भूमि अधिग्रहण मामलों, 2013 के नए कानून से तय होगा मुआवजा

प्रमुख खबरे

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने भूमि अधिग्रहण मामलों में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि नया कानून लागू होने के बाद पुराने अधिनियम के तहत मुआवजा तय नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने दमोह निवासी राम कुमार गुप्ता की याचिका स्वीकार करते हुए 29 अप्रैल, 2015 का मुआवजा अवार्ड निरस्त कर दिया और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत नया अवार्ड पारित करने के निर्देश दिए।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष त्रिवेदी, प्रशांत अवस्थी, असीम त्रिवेदी और आनंद कुमार शुक्ला ने पक्ष रखा, जबकि राज्य शासन की ओर से पैनल अधिवक्ता सिद्धार्थ गोंटिया उपस्थित हुए।

दलील दी गई कि निष्पक्ष मुआवजा व भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 एक जनवरी 2014 से लागू हो चुका था।

इसके बावजूद 29 अप्रैल 2015 को समाप्त हो चुके 1894 के कानून के आधार पर अवार्ड पारित कर दिया गया, जो विधिसम्मत नहीं था।

कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए मामला पुनः भूमि अधिग्रहण अधिकारी-सह-अनुविभागीय अधिकारी को भेज दिया।

कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रमाणित प्रति प्रस्तुत होने के 90 दिनों के भीतर 2013 के अधिनियम के अनुसार मुआवजा तय कर नया अवार्ड पारित किया जाए।

 

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

ताज़ा खबरे