मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में ‘स्टेट डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने महू में साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करने की घोषणा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में डेटा सबसे मूल्यवान संपत्ति बन चुका है और उसकी सुरक्षा बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सुरक्षित डेटा ही सुरक्षित राष्ट्र की पहचान है. राज्य सरकार प्रदेश में सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है.
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षाओं के अनुरूप सभी विभागों में डेटा सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में डेटा सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों, समाज और सरकार के हित में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी भी व्यक्ति का डेटा चोरी, दुरुपयोग या गलत इस्तेमाल न हो. साथ ही लोगों को साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाना भी सरकार की प्राथमिकता है.
उन्होंने बताया कि महू में बनने वाला साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से स्थापित किया जाएगा. यह केंद्र साइबर सुरक्षा, रिसर्च, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की मदद से साइबर अपराधों की समय रहते पहचान और निगरानी संभव होगी. यह व्यवस्था केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक ठोस कदम है.



