केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म में कोई खराबी नहीं मिली।
यह विमान पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हादसे का शिकार हो गया था, जिसमें कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा को बताया कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के आदेश पर लगातार एयरवर्दीनेस जांच के तहत सिएटल में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) स्तर पर फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की गई थी।
कांग्रेस सांसद जेबी मैथेर के सवालों का जवाब देते हुए मोहोल ने कहा कि फ्यूल स्विच की जांच में, जिसमें इसके लॉकिंग डेटेंट्स की स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी की जांच भी शामिल थी, कोई खराबी नहीं पाई गई। हालांकि, सिएटल में OEM सुविधा केंद्र पर पूरे थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की जांच अभी भी चल रही है।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने लगातार एयरवर्दीनेस को बनाए रखने के तहत, सिएटल में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) लेवल पर फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म की टेस्टिंग का निर्देश दिया।
फ्यूल कंट्रोल स्विच के डेटेंट्स की स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी (मजबूती) समेत पूरे फ्यूल कंट्रोल स्विच की बारीकी से जांच की गई और कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।
जांच के बारे में सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने उन सुझावों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने क्रैश की अपनी अंतिम रिपोर्ट में देरी की है।
राज्यसभा में अपने सवाल में, मैथेर ने सरकार से क्रैश के एक साल से ज्यादा समय बाद भी अंतिम रिपोर्ट जारी करने में देरी के कारण बताने को कहा था।
पायलट के व्यवहार पर भी सवाल
पायलट के व्यवहार को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने कहा सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि जांच में ‘कोई देरी नहीं’ हुई है और बताया कि बड़े हादसों की जांच किसी तय समय-सीमा के अनुसार पूरी नहीं की जा सकती।
मंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद, जांच के सभी नतीजों वाली अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और AAIB की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।



