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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

रूसी सेना में भर्ती भारतीयों की जल्द होगी वतन वापसी, PM मोदी ने उठाया मुद्दा तो पुतिन ने भी एक्शन लेने में नहीं की...

कई भारतीयों को धोखा देकर रूसी सेना में भर्ती करने का खुलासा हुआ था। दर्जनों भारतीय रूसी सेना में फंसे हैं और कई भारतीय रूस-यूक्रेन युद्ध में मोर्चे पर तैनात हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रूसी सेना में फिलहाल 30 से 40 भारतीय सेवा दे रहे हैं।

कांग्रेस तीसरी बार पार नहीं कर सकी 100 का आंकड़ा: लोकसभा में बोले पीएम मोदी, हिन्दू वाले बयान पर राहुल की भी ली खूब...

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कहा आज एक गंभीर विषय पर आपका और देशवासियों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। कल जो संसद में हुआ, देशवासी इसे सदियों तक माफ नहीं करेंगे। 131 साल पहले स्वामी विवेकानंदजी ने शिकागो में कहा था कि मुझे गर्व है कि मैं उस धर्म से आता हूं जिसने पूरी दुनिया को सहिष्णुता और वैश्विक स्वीकृति सिखाई है।

नादानी में राहुल से मुकाबला करने पर क्यों आमादा है भाजपा

राहुल जिस तरह पानी पी-पीकर हिंदुओं और हिंदुत्व को कोस रहे थे, उसके चलते यह तय था कि यदि उनकी आक्रामकता का यही रुख जारी रहने दिया जाता तो वह बोलने के रौ में हिंदुओं को लेकर खुद और अपनी पार्टी की विचारधारा को एक्सपोज कर देते। आखिर भाजपा को हाल ही में बीते लोकसभा चुनाव में चौबीस करोड़ वोट और 240 सीटें मिली हंै। कांग्रेस को भाजपा से पूरे दस करोड़ वोट कम मिले हैं।

सोमनाथ वाले नेहरू से लेकर अयोध्या वाले राहुल तक

जवाहरलाल नेहरू वामपंथी बुद्धि की आगे सदैव बौने रहे और आज हालत यह कि सोनिया से लेकर राहुल तक के असर से यह दल पूरी तरह वामपंथी सोच के आगे नतमस्तक हो चुका है।

वंश का दंश और मोदी

स्वच्छ छवि वाले अफसर ने स्टाफ को चेतावनी देते हुए कहा कि दफ्तर में 'रिश्वत लेना-देना अपराध है' की पॉलिसी पर सख्ती से अमल...

इस तराजू के नीचे कहां की जमीन है मजबूत?

निहितार्थ: देश का हिन्दू (Hindu) या कहे बहुसंख्यक समाज अजीब दोराहे पर है। वह राजनीति की तराजू (scales of politics) पर दो पलड़ों में कभी...

देर से आये, लेकिन क्या दुरुस्त भी आये मोदी ?

निहितार्थ: पैंतीस साल से अधिक की पत्रकारिता में मैंने क्राइम की रिपोर्टिंग (crime reporting) भी की है। उसी दौर का एक सच्चा किस्सा है।...

मोदी जी, इन सवालों का जवाब देना ही होगा आपको

यह जरूरी नहीं है कि हर सवाल परंपरागत और तयशुदा खांचे वाला ही हो। उसमें 'क्या' 'क्यों' और 'कैसे' आदि की मौजूदगी शामिल की...

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