शाजापुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान भूमि सीमांकन विवाद से परेशान एक किसान ने हंगामा खड़ा कर दिया। किसान ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शिकायतों की अनदेखी की जा रही है और गलत सीमांकन किया जा रहा है।
पोलायकलां के निवासी किसान शरद कुमार शर्मा ने कहा कि कलेक्टर आतंकवादी हैं और एसपी गुंडागर्दी कर रहे हैं।
श्री शर्मा का दावा है कि उनकी भूमि सर्वे नंबर 4446/3 के सीमांकन में राजस्व अमले ने हेराफेरी की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2019 से अब तक कलेक्टर कार्यालय, संबंधित अधिकारियों और सीएम हेल्पलाइन पर लगभग 50 से 60 आवेदन दिए हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस राजस्व टीम पर पहले गलत सीमांकन का आरोप है, उसी टीम से दोबारा जमीन की नप्ती कराई जा रही है।
पीड़ित किसान का कहना है उनकी जमीन को जानबूझकर दूसरे किसान की भूमि बताया जा रहा है और सांठगांठ के चलते गलत सीमांकन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने और एक नई टीम गठित कर फिर से सीमांकन कराने की मांग की है। आवेदन पर सुनवाई न होने से क्षुब्ध किसान ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के खिलाफ बेहद तल्ख और आपत्तिजनक टिप्पणी की।
किसान शरद कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि वे जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे, लेकिन समस्या सुनने के बजाय पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि जब उन्होंने अधिकारियों और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, तो पुलिसकर्मी भड़क गए। शर्मा के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उन्हें डराने का प्रयास किया और कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर भगा दिया।
किसान ने सवाल उठाया कि यदि फरियादियों को अपनी बात शांति से रखने का अवसर ही नहीं मिलेगा, तो जनसुनवाई आयोजित करने का क्या मतलब रह जाएगा। दूसरी ओर, लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि फरियादी जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों के लिए अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहा था। कानून-व्यवस्था और परिसर की शांति बनाए रखने के लिए उसे कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर भेजा गया।



