राज्यसभा चुनाव में मप्र कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निरस्त किए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है.
बुधवार को भोपाल स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस ने लोकतंत्र बचाने और संविधान की रक्षा के नाम पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक सामूहिक उपवास किया.
इस दौरान दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय निवार्चन आयुक्त से भी मुलाकात की लेकिन केंद्रीय चुनाव आयुक्त ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले का सही ठहराया है.
अब इस फैसले के विरोध में जहां कांग्रेस पार्टी न्यायालय की शरण लेगी, वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शुक्रवार को दिल्ली जाकर मुलाकात करेंगे.
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित सामूहिक उपवास में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में संविधान की प्रतियां लेकर तथा काली पट्टी बांधकर तेज धूप में विरोध प्रदर्शन किया.
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र राजनीतिक दबाव में निरस्त किया गया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “पहले वोट चोरी होती थी, अब पूरी सीट पर डाका डाला गया है.” उन्होंने आरोप लगाया कि “भाजपा ने सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर कांग्रेस उम्मीदवार को चुनावी दौड़ से बाहर करने की साजिश रची है. कांग्रेस चुनाव आयोग के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ेगी.”
उपवास कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने मंच से बेहद आक्रामक और विवादित भाषण दिया. उन्होंने कांग्रेस विधायकों से संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए कहा कि “यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान बचाने की है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और कहा कि यदि कांग्रेस की नेता के साथ अन्याय हुआ है तो वह इसके खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.”
इसके साथ ही बाबू जंडेल ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की. इनके साथ ही कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने सीएम मोहन यादव को 19 जून को राज्यसभा की वोटिंग कराने को लेकर भी अभद्र टिप्पणी की.
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के बयान पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि “कांग्रेस मंच पर संविधान और महात्मा गांधी का नाम ले रही थी लेकिन उनके नेताओं की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत थी. किसी निर्वाचित मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है.”
उन्होंने चेतावनी दी कि “यदि आग लगाने, हिंसा भड़काने या आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया तो संविधान के तहत प्रकरण दर्ज होंगे और कार्रवाई भी की जाएगी.”
‘जिला और ब्लाक स्तर पर कांग्रेस करेगी प्रदर्शन’
कांग्रेस ने राज्यसभा नामांकन विवाद को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है. जीतू पटवारी ने बताया कि “पार्टी गांव-गांव और घर-घर जाकर भाजपा का कथित असली चेहरा उजागर करेगी.
इसके तहत जिला स्तर पर भाजपा कार्यालयों और कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा. ब्लाक स्तर पर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.”
कांग्रेस की ग्राम पंचायत और वार्ड कांग्रेस समितियों को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा कांग्रेस के सभी 62 विधायक दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगे. इसके साथ ही जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री आवास और मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग का घेराव करने की चेतावनी भी दी है.



