यूसीसी बिल के मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया गया है। राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन में बिल को पेश किया है। मंगलवार को इस विधेयक पर चर्चा होगी। इसके बाद सदन में वोटिंग करवाई जाएगी।
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र के पहले ही दिन यूसीसी विधेयक को पेश किया है। इस विधेयक पर मंगलवार को चर्चा होगी। विधेयक पेश होने पर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इसे पहले से शामिल नहीं किया गया है। वह अपनी मांगों के लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा भी किया है। इसकी वजह से दो बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है।
मंत्री गौतम टेटवाल ने पेश किया बिल
दरअसल, विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल, 2026 को पेश किया गया है। रविवार को कैबिनेट की मीटिंग में बिल के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई थी। राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन में बिल को पेश किया है। इस प्रस्तावित कानून का मकसद राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करना है, जिससे मध्य प्रदेश इस कानून को लागू करने की दिश में आगे बढ़ने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा।
तीन राज्यों में यूसीसी है लागू
मध्य प्रदेश से पहले देश के तीन राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल तीन राज्यों में पेश और पास किया जा चुका है। फरवरी 2024 में उत्तराखंड, मार्च 2026 में गुजरात और मई 2026 में असम में पास हो चुका है।
दरअसल, रविवार को सीएम मोहन यादव ने कैबिनेट की मीटिंग के बाद कहा था कि एमपी कैबिनेट ने पूरे दिल और सर्वसम्मति से यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल, 2026 को मंजूरी दी है। मैं अपने सम्मानित कैबिनेट सहयोगियों और आप सभी को बधाई देना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि इस कानून का मकसद बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारी सुनिश्चित करना है।
मध्य प्रदेश के लोग कानून का करेंगे समर्थन
वहीं, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने भरोसा जताया है कि मध्य प्रदेश के लोग इस प्रस्तावित कानून का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि हम यूनिफॉर्म सिविल कोड पर चर्चा कर रहे हैं और मध्य प्रदेश पूरे देश में लागू करने वाला चौथा राज्य बनने जा रहा है। यह सद्भाव की भावना को बढ़ावा देता है। साथ ही सभी नागरिकों को सम्मान मानता है। मैं यूसीसी का पूरी तरह से समर्थन करती हूं और मुझे भरोसा है कि मध्य प्रदेश के लोग भी इसका समर्थन करेंगे।



