मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और अरुण यादव, प्रदेश प्रभारी हरिश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के मौजूदा विधायक विधानसभा परिसर पहुंचे और एक प्रकार से शक्ति प्रदर्शन किया।
इससे पहले, प्रदेश कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की बैठक हुई जहां सभी ने एकजुटता दिखाई।
दिग्विजय सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद कांग्रेस ने नटराजन को उम्मीदवार बनाया है।
नटराजन ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संख्या ना होने के बावजूद तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर, भाजपा ने अपना चाल, चरित्र और चेहरे को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा अक्सर ऐसे मौके पर विधायकों की खरीद फरोख्त का प्रयास करती है और लोकतंत्र को कमजोर करती है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन इस बार मध्यप्रदेश में उनकी यह चाल विफल होगी।’
भाजपा ने तीन सीटों पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर दो उम्मीदवारों की घोषणा के बाद रविवार को तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी।
पार्टी ने इस तीसरी सीट पर नटराजन के खिलाफ राज्य के मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के साथ ही तीसरी सीट पर जीत के लिए दोनों दलों में मुकाबला होना सुनिश्चित है।
इससे पहले शनिवार को भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। केवट सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगे।
वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में प्रभावी वोटों की संख्या 228 है। इसमें भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। बीना से विधायक निर्मला सप्रे के मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट ना होने और उनका झुकाव भाजपा की तरफ होने तथा विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक जैसी तकनीकी वजहों से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट गया है।
राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है। कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी भाजपा को 10 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है।
कांग्रेस के पास जीत के लिए आवश्यक आंकड़े हैं लेकिन भाजपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार की घोषणा ने उसकी चिंता बढ़ा दी है और नटराजन की जीत की राह मुश्किल कर दी है। मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है।



