मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 सितंबर 2026 को अधिकारियों की नई पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार से जुड़े आदेश जारी किए हैं.
आदेश के बाद सागर संभाग के आयुक्त से लेकर राजस्व, महिला एवं बाल विकास, नागरिक आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार गारंटी परिषद जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं. इसके साथ ही जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों समेत राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं.
इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा 2011 बैच की IAS अधिकारी नेहा मारव्या को लेकर है. वे संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं और प्रबंध संचालक, पंचायत अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की जिम्मेदारी संभाल रही थीं.
हाल ही में विभाग की महिला अधिकारियों के साथ बैठक में कथित अभद्रता के आरोपों के बाद मामला काफी गरमाया था. घटनाक्रम के बाद विभाग के अधिकारियों ने पेन डाउन हड़ताल तक कर दी थी। 14 अगस्त के घटनाक्रम को लेकर मुख्य सचिव स्तर पर भी शिकायत की गई थी. अब सरकार ने नेहा मारव्या को इन जिम्मेदारियों से हटाकर प्रबंध संचालक, अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम की जिम्मेदारी सौंपी है.
सागर संभाग को मिला नया आयुक्त
प्रशासनिक फेरबदल में दिलीप कुमार को सागर संभाग का नया आयुक्त बनाया गया है. वे इससे पहले लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. वहीं सागर के तत्कालीन संभाग आयुक्त अनिल सुचारी को मध्य प्रदेश भंडार गृह निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है.
राजस्व विभाग में भी बदली जिम्मेदारी
अनुभा श्रीवास्तव को प्रमुख राजस्व आयुक्त के पद से हटाकर मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग का सचिव बनाया गया है. वहीं निधि निवेदिता को प्रमुख राजस्व आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. इसके साथ ही उन्हें आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है.
पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में बदलाव
आईएएस शैलेंद्र सिंह को आयुक्त-सह-संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी से स्थानांतरित कर इसी विभाग का सचिव बनाया गया है. उनके स्थान पर विभागीय स्तर पर नई जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया गया है.
इनके अलावा संदीप जी.आर. को महिला एवं बाल विकास विभाग में आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं अवि प्रसाद को मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवाएं निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है.
मयंक अग्रवाल को मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है. नेहा मारव्या सिंह को अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है, जबकि अनुराग वर्मा को राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है.
उज्जैन स्मार्ट सिटी की जिम्मेदारी नेहा जैन को
नेहा जैन को उज्जैन स्मार्ट सिटी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगर निगम उज्जैन की अपर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है. सिंहस्थ की तैयारियों के बीच उज्जैन में यह पदस्थापना महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
जिला पंचायतों में भी बड़ा बदलाव
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नई पदस्थापनाओं में नरोत्तम प्रसाद भार्गव को हरदा जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है. अखिलेश कुमार जैन को धार, सुरभि तिवारी को विदिशा और शैलेंद्र सिंह को दतिया जिला पंचायत की जिम्मेदारी मिली है. वहीं विदिशा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओमप्रकाश सनौडिया को सिंहस्थ, उज्जैन का अपर मेला अधिकारी बनाया गया है. सपना त्रिपाठी को सतना जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है.
- स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और स्मार्ट सिटी में भी बदलाव
- संदीप जीआर को महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पदेन मिशन संचालक से संबंधित जिम्मेदारी दी गई है।
- वहीं अवि प्रसाद को मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध संचालक बनाया गया है।
- उज्जैन में नेहा जैन की नई पदस्थापना के अलावा शीला पटले को श्रम आयुक्त, इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- विवादों में घिरे दो अहम विभागों में बदलाव, नेहा मारव्या और निधि निवेदिता की जिम्मेदारियां बदली गईं।
- सागर से उज्जैन तक बड़ा प्रशासनिक रीसेट, कमिश्नर बदले, स्मार्ट सिटी और नगर निगम की कमान भी बदली।
- सिंहस्थ और उद्योग पर फोकस, उज्जैन में नई टीम के साथ कुमार पुरुषोत्तम को उद्योग की अहम अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली।



