E20 पेट्रोल को देशभर में हंगामा बरपा हुआ है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने इथेनॉल से जुड़े अपमानजनक कटेंट को हटाने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के वकीलों को आड़े हाथ लेते हुए निर्देश दिया है कि परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बारे में अपमानजनक कंटेंट को हटाया जाए।
इस मामले में नितिन गडकरी ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया पर अपमानजनक और अभद्र वीडियो डाले गए थे। उनके परिवार को E20 से जोड़ा गया था।
सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप
नितिन गडकरी ने आपत्तिजनक कंटेंट मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को प्रतिवादी बनाया था। उन्होंने याचिका में कहा था कि सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडिया में कहा गया है कि गडकरी और उनके परिवार के सदस्यों को केंद्र सरकार की एथनॉल योजना से आर्थिक लाभ मिला है। नितिन गडकरी ने इस आरोप को झूठा और बेबुनियाद बताया था। उन्होंने कहा था कि ये आरोप जनता को गुमराह करने और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए गढ़े गए।
11 करोड़ रुपए की मानहानी की मांग
नितिन गडकरी की तरफ से बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोगाम पूरी तरह से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय चलाता है, न की उनका विभाग। उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक डिजिटल कंटेंट को तुरंत हटाने और मानहानी के तौर पर 11 करोड़ रुपए की मांग की है। इस कानूनी कार्रवाई का मकसद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मनगढ़ंत और अपमानजनक कंटेंट होस्ट करने के लिए जवाबदेह ठहराना है।



