राजधानी भोपाल शहर के बीचोंबीच टिंबर मार्केट में रविवार को फिर आग लग गई। लकड़ी की एक दुकान में लगी आग इतनी भीषण थी कि लपटें 20 फीट तक ऊपर उठ गईं। इसके ठीक पीछे रेलवे ट्रैक है। जहां से ट्रेनें गुजरती रहीं। तेज हवा की वजह से डेढ़ घंटे में आग काबू आ पाई।
आग लगने की घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। बरखेड़ी ऑटो स्टैंड के पास टिंबर दुकान में आग लग गई। धीरे-धीरे आग तेजी से फैलती गईं। दमकल की मदद से उसे बुझाया जा सका।
तेज हवा की वजह से हुई देरी प्रत्यक्षदर्शी आरिफ मिर्जा ने बताया कि शार्ट सर्किट की वजह से आग लगना सामने आया है। टीन शेड पर बिजली का करंट फैल गया था। ऐसे में बिजली कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कनेक्शन कट किया। वहीं, दमकल भी मौके पर पहुंची। करीब डेढ़ घंटा में आग काबू में आ सकी। हालांकि, शुरुआत में दमकल का पाइप नहीं लग सका। इस वजह से आग बुझाने में थोड़ी देर हो गई।
टिंबर को शिफ्ट किया जा रहा मेट्रो की वजह से टिंबर मार्केट को शिफ्ट किया जाना है। जिस दुकान में रविवार को आग लगी, उसे शिफ्ट किया जा रहा था। तभी यह हादसा हो गया। भोपाल के बीचोबीच ‘बारूद’ के ढेर जैसा टिंबर मार्केट भोपाल शहर के बीचोंबीच टिंबर मार्केट न सिर्फ मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए बड़ी अड़चन बना है, बल्कि ‘बारूद’ के ढेर जैसा है। इसकी शिफ्टिंग के लिए डेढ़ साल से कवायद हो रही है। 18 एकड़ जमीन और 5.85 करोड़ रुपए भी दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका है।
पातरा पुल इलाके में स्थित इसी 108 आरा मशीनों वाले टिंबर मार्केट में रविवार रात को आग लग गई। 6 आरा मशीनें पूरी तरह से जल गईं। ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो गया। करीब एक घंटे तक इलाके में दहशत पसरी रही। टिंबर मार्केट के पिछले हिस्से से रेलवे ट्रैक भी गुजरा है। आग की वजह से ट्रेनों को सावधानी से गुजरा गया।
टिंबर मार्केट में साल 2016 में भी ऐसी ही भीषण लगी थी। तीन आरा मशीनों की आग 4 घंटे में 36 दमकलों ने बुझाई थी। पिछले साल भी ऐसी ही घटना हुई। इसके बावजूद आरा मशीनें शिफ्ट नहीं हुईं।



