35.4 C
Bhopal

बंगाल की कुर्सी संभालते ही एक्शन में अधिकारी, 24 घंटे में बदले 16 अफसर

प्रमुख खबरे

पश्चिम बंगाल में नवगठित शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में आने वाले महीनों में पुलिस और प्रशासनिक ढांचे में बड़े स्तर पर फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। इसकी झलक सरकार के पहले ही दिन देखने को मिल गई।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के अंदर राज्य सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय की नौकरशाही संरचना में व्यापक बदलाव किए हैं। पूर्व सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले पूर्व केंद्रीय कार्यालय से जुड़े 16 नौकरशाहों को बदल दिया गया है।

स्थानांतरित किए गए पूर्व अधिकारियों में सबसे प्रमुख नाम 2014 बैच के आईएएस शांतनु मुखोपाध्याय का है, जो ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाते हैं।

ममता के करीबी अधिकारियों का तबादला

तृणमूल कांग्रेस से संबद्ध पश्चिम बंगाल सरकारी कर्मचारी संघ के शीर्ष नेता व केंद्रीय कार्यालय में तैनात प्रताप नायक का तबादला दार्जिलिंग जिले के बिजनबारी स्थित पालबाजार ब्लॉक विकास कार्यालय में कर दिया गया है। ममता बनर्जी के कार्यकाल में प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत 46 अधिकारियों को अस्थायी रूप से राज्य कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग में तैनात किया गया है। इन अधिकारियों की अगली तैनाती का निर्णय बाद में लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय प्रशासन में बदलाव

शपथ ग्रहण समारोह के कुछ ही घंटों बाद सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रता गुप्ता को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल के 2017 बैच के आईएएस अधिकारी सुब्रता बाला को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का प्रधान सचिव नियुक्त करने की घोषणा की गई है। इससे पहले वे दक्षिण 24 परगना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट थे। इस बीच, कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने उप-निरीक्षकों, निरीक्षकों, सहायक आयुक्तों और उपायुक्तों के पद पर कार्यरत 93 अधिकारियों का तबादला शहर पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर कर दिया है।

स्थानांतरित अधिकारियों में से अधिकांश तृणमूल से संबद्ध पुलिस कल्याण संघ में प्रभावशाली थे। इन 93 अधिकारियों का तबादला उत्तरी बंगाल के कूच बिहार, कालिम्पोंग, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार, दक्षिण 24 परगना जिले के सुंदरबन और पश्चिम बंगाल के पश्चिमी क्षेत्र के आदिवासी बहुल जिलों, जैसे बांकुरा और पुरुलिया में किया गया है।

‘दो विनाशकारी ताकतें साथ आ रहीं’

वहीं भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि टीएमसी पहले से ही तबाह हो चुकी है, इसलिए अब वह ऐसे सहयोगियों की तलाश कर रही है, जिन्होंने बंगाल को नुकसान पहुंचाया। टीएमसी वामपंथियों के खिलाफ बदलाव लाने के उद्देश्य से सत्ता में आई थी, लेकिन अब दोनों साथ आ रहे हैं। बंगाल की जनता देख रही है कि दो विनाशकारी ताकतें एकजुट हो रही हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। भाजपा सांसद ने कहा कि बंगाल में वामपंथियों की जड़ें अब काफी कमजोर हो चुकी हैं और तृणमूल कांग्रेस भी खत्म होने की कगार पर है। दो कमजोर हो चुकी पार्टियों के साथ आने से कोई लाभ नहीं होगा। वाम दल बंगाल की जनता की नजरों में गिर चुके हैं और अब लोग टीएमसी को भी सहन नहीं कर पा रहे हैं। बंगाल की जनता अब ममता बनर्जी का साथ देने से इनकार कर चुकी है।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

ताज़ा खबरे