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निहितार्थ

भगवान के लिए देश को तो बख्श दीजिए

एक स्थिति के बाद किसी की नादानी पर चुप रह जाने में ही भलाई रहती है। इसलिए कई बार मन होता है कि राहुल...

यात्रा नहीं, तफरीह कर रहे हैं राहुल

दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्रा के दौरान एक कॉमन बात रही। अलग-अलग जगह उनसे मिलने गए लोग एक बात पर जरूर गौर करते थे।...

‘आप’ तो ऐसे न थे

कभी-कभी ये बीमारी का फंडा भी काफी अजीब हो जाता है। वो भी खासे पेशेवराना अंदाज में। व्यापमं कांड में फंसे एक अफसर से...

निजी अक्ल का इस्तेमाल कभी करेंगे या नहीं राहुल ?

उस डेढ़ होशियार शख्स की कहानी याद आ गयी। कहीं से काफी महंगा भोजन उसके हाथ लग गया। उसने तय किया कि वह आहार...

हम अभिशप्त हैं ऐसे केक के उदाहरण झेलने को

मानव-निर्मित चीजों का कोई निश्चित स्वरूप नहीं होता। समय के हिसाब से खुद इंसान ही उनमें बदलाव करता जाता है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक...

इस प्रचंड के अखंड रहने की आशा

भगवान बिरसा मुंडा ने आजन्म जनजातीय समुदाय की सेवा की। अपने लोगों को ब्रिटिश साम्राज्य के अत्याचार और लूट-खसोट से बचाने के लिए आक्रामक...

मायने इंदौर में सिख कीर्तनकार के गुस्से के…

कमलनाथ यही सोचकर गनीमत मना रहे होंगे कि यह सब उनके चलते हुआ लेकिन तब हुआ, जब वे वहां से सकुशल निकल गए थे।...

हिंदू शब्द के भावार्थ को समझें जर्किहोली

कई बार यह अहसास गाढ़ा होने लगता है कि यह संगठित विचारधारा वाले असंगठित गिरोह के विस्तार का समय है। उनके निशाने पर हिंदू...

मुड़ गए घुटने पेट की तरफ

प्रशांत भूषण के लिए एक बात बेहिचक कही जा सकती है। वह अपनी सोच के पक्के हैं। दिग्गज वकीलों में शामिल भूषण ने नक्सलियों...

इस जड़ बुद्धि को सच की जड़ का आशीर्वाद दीजिए

मॉरीशस में भारतीय आबादी काफी अधिक है। उनके पुरखे श्रमिक के रूप में उन्नीसवीं शताब्दी में वहां ले जाए गए थे। खासकर भोजपुरी बोली...

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