संसद मार्च करने वाले प्रदर्शनकारियों के जज्बे और उनके धैर्य को सराहते हुए सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। वांगचुक ने चिट्ठी लिखकर कहा है कि वो छात्रों के साथ हो रही बर्बरता से दुखी हैं और इसलिए 23वें दिन अनशन जारी रखने का ऐलान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया है कि वे आखिर कब तक अपनी भूख हड़ताल को जारी रखेंगे।
जनता के नाम लिखे अपने पत्र में सोनम वांगचुक ने कहा कि मैं अपना अनशन जारी रखूंगा। शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता हो रही है, उसे देखते हुए मैंने फैसला किया है कि मैं अपनी भूख हड़ताल तब तक जारी रखूंगा, जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं मिल जाती या फिर मुझे उनसे यहीं अस्पताल में मिलने की इजाजत नहीं मिल जाती।
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आगे कहा कि उम्मीद है कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी। उकसावे के बावजूद युवाओं ने जिस तरह शांति बनाए रखी है, उससे मैं (sonam Wangchuk) बहुत प्रभावित हुआ हूं। मैं सरकार और पुलिस बल से अपील करता हूं कि वे छात्रों को आज या कल संसद के सामने अपनी शिकायतें रखने की इजाजत देकर इस मुद्दे को सुलझाएं।
मुझे यकीन है कि कल भी युवा प्रदर्शनकारी वैसा ही धैर्य और सहनशीलता दिखाएंगे जैसा उन्होंने आज दिखाया। उन्होंने ये चिट्ठी सफदरजंग अस्पताल से लिखी है, जहां उन्हें भर्ती किया गया है।
बता दें कि आज ही सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हम जेपी नड्डा से दो बार मिले। बैठक के दौरान, हमने अपनी तीन मांगें बताईं। पहला, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। दूसरा, हम मांग करते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
उन्हें या तो मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए या स्वेच्छा से इस्तीफा देना चाहिए। उनका इस्तीफा सुरक्षित होने तक विरोध जारी रहेगा। तीसरा, हम NEET उम्मीदवारों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हैं, जिनमें से 20 से अधिक ने अपनी जान गंवा दी है। इन मांगों को लेकर हमने जेपी नड्डा से संपर्क किया।



