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भोपाल में नीट परीक्षा लीक के विरोध में NSUI का प्रदर्शन

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भोपाल में NEET परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों के विरोध में कांग्रेस छात्र संगठन NSUI ने बड़ा प्रदर्शन किया। NSUI के सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने रेडक्रॉस चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पांच बार वॉटर कैनन चलाया। NSUI कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों की तरफ जूता फेंक दिया। इससे पुलिस अधिकारी नाराज हो गए। माइक से कार्यकर्ताओं को अभद्रता नहीं करने की चेतावनी दी। ये किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं बवाल के बीच पुलिस हरकत में आ गई। बड़ी संख्या में NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इमें पूर्व CM दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत कांग्रेस के 200 कार्यकर्ताओं पुलिस हिरासत में हैं। नेताओं को बस में भरकर पुलिस ले गई है।

बैरिकेडिंग पर चढ़े NSUI अध्यक्ष, पुलिस ने चलाए वाटर कैनन

प्रदर्शन के दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। विनोद जाखड़ लगातार बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते रहे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए एक-दो नहीं बल्कि पांच बार वाटर कैनन चलाए।

वॉटर कैनन की तेज बौछारों के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के सामने डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

दिग्विजय सिंह बोले- शिक्षा मंत्री इस्तीफे दे

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग भी उठाई।

छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस

प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेताओं का कहना था कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रदर्शन स्थल पर NSUI के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मंच पर चढ़ गए। भीड़ बढ़ने से मंच पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को मंच से नीचे उतरने के निर्देश दिए।

वहीं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने मंच पर मौजूद लोगों से नीचे उतरने और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को सम्मानपूर्वक मंच तक पहुंचाने का आग्रह किया।

प्रदर्शन के दौरान मंच के आसपास बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखकर दिग्विजय सिंह ने प्रारंभ में मंच पर जाने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें सम्मानपूर्वक मंच तक पहुंचाया, जिसके बाद उन्होंने प्रदर्शन को संबोधित किया।

प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, सुखदेव पांसे, कमलेश्वर पटेल, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

वॉटर कैनन की तेज बौछार, कार्यकर्ताओं ने सिंघार-पटवारी को बचाया

वॉटर कैनन की तेज बौछारों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को बचाने के लिए कार्यकर्ता उनके चारों ओर घेरा बनाकर खड़े हो गए। पुलिस की कार्रवाई के दौरान भी कार्यकर्ता दोनों नेताओं के साथ डटे रहे।

उन्हें वॉटर कैनन की सीधी मार से बचाने की कोशिश करते रहे। मौके पर कुछ देर तक धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही, लेकिन कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं थे।

हिरासत में लिए गए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह

हिरासत में लिए गए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे समेत करीब 200 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने तीन अलग-अलग बसों में बैठाकर अज्ञात स्थानों के लिए रवाना कर दिया। फिलहाल उन्हें किस स्थान पर ले जाया गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आमतौर पर ऐसे मामलों में प्रदर्शनकारियों को शहर के बाहरी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर छोड़ा जाता है।

NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत 200 कार्यकर्ता हिरासत में

पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे समेत करीब 200 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सभी को तीन अलग-अलग बसों में बैठाकर ले जाया गया है। उन्हें किस स्थान पर ले जाया गया है, इसकी फिलहाल आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी है।

प्रदर्शन के दौरान वॉटर कैनन के तेज प्रहार से एनएसयूआई कार्यकर्ता रवि परमार घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए सिद्धांता अस्पताल में भर्ती कराया गया

जूता फेंकने से नाराज हुए पुलिस अधिकारी

पुलिस जब प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए वॉटर कैनन चला रही थी, उसी दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की ओर से पुलिसकर्मियों की तरफ एक जूता फेंका गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी नाराज हो गए और माइक से कार्यकर्ताओं को इस तरह की अभद्रता नहीं करने की चेतावनी दी।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी पर महिला पुलिस अधिकारी भी तैनात हैं। उनकी ओर जूता फेंकना गंभीर और अस्वीकार्य कृत्य है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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