37.1 C
Bhopal

NEET-UG पेपर लीक का मास्टर माइंड एनटीए के साथ परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था, पुणे से गिरफ्तार

प्रमुख खबरे

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने NEET-UG पेपर लीक के कथित सरगना की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह सरगना लातूर का एक केमिस्ट्री प्रोफेसर PV कुलकर्णी है।

एजेंसी ने शुक्रवार शाम बताया कि कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के साथ परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था और इसी वजह से उसके पास प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी।

लातूर: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने मामले में कथित सरगना की पहचान करके उसे अरेस्ट कर लिया है। सीबीआई ने प्रोफेसर को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। सीबीआई के अधिकारियों के अनुसार, पुणे से गिरफ्तार प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी लातूर के रहने वाले हैं और रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। वह कई सालों तक नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति का हिस्सा रहे थे।

पुणे से हुई गिरफ्तारी

सीबीआई की टीम न बताया कि प्रोफेसर कुलकर्णी को पुणे स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्रश्नपत्रों तक पहुंच होने के कारण प्रोफेसर कुलकर्णी अपने घर पर विशेष कोचिंग कक्षाएं चलाते थे। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह के दौरान प्रोफेसर कुलकर्णी ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को संगठित किया था। मनीषा वाघमारे को सीबीआई ने 14 मई को गिरफ्तार किया था।

छात्रों को बोलकर लिखवाए थे सही उत्तर

अधिकारी ने बताया कि प्रोफेसर कुलकर्णी ने कथित तौर पर इन विशेष कक्षाओं के दौरान प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर छात्रों को बोलकर लिखवाए। उन्होंने कहा कि छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा था और वे तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते थे।

कब रिटायर हुए थे कुलकर्णी

अधिकारियों ने बताया कि कुलकर्णी चार साल पहले एक प्रतिष्ठित कॉलेज से रिटायर हुए थे और नीट के लिए रसायन विज्ञान विषय के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति में शामिल थे। चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को नीट-यूजी 2026 आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई। सरकार ने सीबीआई को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया।

प्रमुख कोचिंग सेंटर के निदेशक से भी पूछताछ

उधर, सीबीआई ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के लातूर शहर के एक प्रमुख कोचिंग सेंटर के निदेशक से भी पूछताछ की। सीबीआई की एक टीम राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच के तहत गुरुवार रात और फिर शुक्रवार तड़के शिवनगर क्षेत्र में स्थित ओमकार रेजिडेंसी में रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेज (आरसीसी) के निदेशक शिवराज मोटेगांवकर के घर पर गई।

सीबीआई ने लातूर में डाला डेरा

सीबीआई की एक टीम इस समय लातूर में डेरा डाले हुए है और इसमें 28 सदस्य हैं। मीडिया कर्मियों ने शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे मोटेगांवकर के घर से बाहर निकल रहे सीबीआई के एक अधिकारी से जांच के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया।

कोचिंग के खिलाफ शिकायत दर्ज

दरअसल एक छात्र के अभिभावक ने मंगलवार को लातूर में पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और दावा किया कि शहर के एक निजी कोचिंग संस्थान की ओर से आयोजित ‘मॉक टेस्ट’ में पूछे गए 42 प्रश्न नीट में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते हैं। उनकी शिकायत के आधार पर, पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे ने अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) समीरसिंह साल्वे को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था।

छह लोगों से पूछताछ

इस सिलसिले में पुलिस ने लातूर में कोचिंग संस्थान के कर्मी, छात्रों और काउंसलर समेत छह लोगों से पूछताछ की है। इसके अलावा, उन्होंने दो कोचिंग सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरे की तस्वीरें भी जब्त कर ली थी। लातूर में कुलकर्णी की गिरफ्तारी से पहले, सीबीआई ने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से तीन व्यक्तियों को नासिक से शुभम खैरनार (30), पुणे से ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और अहिल्यानगर के राहुरी से धनंजय लोखंडे (26)को हिरासत में लिया था। (इनपुट एजेंसी)

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

ताज़ा खबरे