नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज करते हुए दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और उन संस्थानों के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है, जिन्हें प्रश्नपत्र छपाई से जुड़ी प्रक्रिया तक पहुंच प्राप्त थी।
सीबीआई ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडा और पुणे से मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, महाराष्ट्र के लातूर से एक रिटायर्ड कॉलेज प्रोफेसर को भी हिरासत में लिया गया है। एजेंसी ने पिछले 24 घंटों में देशभर के 14 स्थानों पर छापेमारी भी की है। जांच एजेंसी फिलहाल पेपर लीक के असली स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे पहले एजेंसी जयपुर से मांगिलाल बीवाल, विकास बीवाल और दिनेश बीवाल को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार को भी पकड़ा गया था।
जांच में सामने आया है कि शुभम खैरनार ने अप्रैल महीने में यश यादव को जानकारी दी थी कि मांगिलाल बीवाल अपने छोटे बेटे के लिए लीक हुए नीट प्रश्नपत्र के बदले 10 से 12 लाख रुपये तक देने को तैयार है। आरोप है कि खैरनार ने यादव को 500 से 600 सवाल उपलब्ध कराए थे, जिनमें से कई असली परीक्षा में आए।
सीबीआई के अनुसार मांगिलाल बीवाल ने यही पेपर अपने बेटे और रिश्तेदारों में भी बांटा था। एजेंसी को डिजिटल उपकरणों की जांच में कई चैट, लीक प्रश्नपत्र और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। अब इन डिवाइसों की फॉरेंसिक जांच कर डिलीट डेटा भी निकाला जाएगा।
इसी बीच, महाराष्ट्र के लातूर में भी जांच तेज हो गई है। लातूर को कोचिंग हब माना जाता है, जहां राज्यभर से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। यहां एक छात्र के अभिभावक ने शिकायत की थी कि एक निजी कोचिंग संस्थान द्वारा आयोजित मॉक टेस्ट के 42 सवाल नीट परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते थे।
इसके बाद सीबीआई ने लातूर के एक कॉलेज के रिटायर्ड शिक्षक को हिरासत में लिया है। हालांकि, एजेंसी ने अभी उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। इससे पहले लातूर पुलिस कोचिंग स्टाफ, काउंसलर और छात्रों समेत छह लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी थी। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने भी दावा किया था कि परीक्षा से पहले प्रसारित एक “गेस पेपर” के लगभग 120 सवाल वास्तविक परीक्षा में आए थे।



