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दतिया उपचुनाव:आशुतोष तिवारी की नामांकन सभा में भावुक हुए नरोत्तम, मंच पर छलके आंसू

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दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन के दौरान पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भावुक नजर आए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने संगठन के प्रति अपना समर्पण जताया और कहा कि अब उनका एकमात्र लक्ष्य आशुतोष तिवारी को जिताना है।

सोमवार को सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में तिवारी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। इसके बाद सभी ने सभा को संबोधित किया। कार्यकर्ताओं के समक्ष पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए।

आशुतोष तिवारी के समर्थन में कार्यकर्ताओं को संबोधित

नरोत्तम मिश्रा ने अपने भाषण में कहा कि एक तरफ राजा हैं, जो सोने का चम्मच मुंह में लेकर पैदा हुए हैं। दूसरी तरफ हमारे संत हैं, जो बचपन से ही राष्ट्र की सेवा के लिए घर छोड़कर निकल गए थे।

कार्यकर्ताओं के बीच में रहना, कार्यकर्ताओं के लिए खाना, कार्यकर्ताओं के संग पीना, पार्टी की सेवा रात-दिन करना। पता नहीं कहां-कहां रहे, सतना में रहे और हर जगह अपनी योग्यता के कीर्तिमान स्थापित किए।

बोले- आप साढ़े तीन लाख वोट से हारे और संस्कारी हो गए

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के प्रत्याशी राजा और भाजपा के प्रत्याशी रंक। “राम रथी विरथ रघुबीरा, देखि बिभीषण भयउ अधीरा।” आज उनका फॉर्म भराने भी बहुत सारे लोग आए थे। जीतू पटवारी जी हैं, दिग्विजय सिंह जी हैं। दिग्विजय सिंह कह रहे थे कि

हम रावण हैं, अहंकारी हैं, इसलिए साढ़े सात हजार से चुनाव हार गए। अरे दिग्विजय सिंह जी, हम अहंकारी थे तो साढ़े सात हजार से हार गए और तुम भोपाल में साढ़े तीन लाख से हार गए तो संस्कारी हो गए?

भाजपा में फूट के आरोपों पर पलटवार

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अच्छा, एक बात बताओ कांग्रेस के मित्रों। हमारे अंदर फूट है, हमारा कार्यकर्ता नाराज है, यह एक ही बात तीन दिन से सोशल मीडिया पर चलवा रहे हो। अब तुम बताओ, अवधेश नायक क्यों नहीं गए तुम्हारा फॉर्म भराने?

समझाओ तो दतिया की जनता को कि फूट अगर हममें है, तो हम छाती अड़ाए खड़े हैं आशुतोष के लिए और भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता छाती अड़ाए खड़ा है।

तुम्हारे चाचा कहां हैं? चाचा क्यों नहीं गए फॉर्म भरवाने? चाचा नहीं गए तो चलो कोई बात नहीं है। भीतर फोटो में राजेंद्र भारती क्यों नहीं हैं? वे बाहर क्यों टहलते रहे? भारती जी नहीं जा रहे, अवधेश नायक नहीं जा रहे और बता रहे हैं कि फूट भाजपा के अंदर है।

यह इनकी मानसिकता को समझना पड़ेगा, मेरे दतिया के मालिकों। यह आपको उसी तरह से भरमाएंगे, जैसे विधानसभा चुनाव में इसी मंच पर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह कह गए थे कि कांग्रेस की सरकार बनने वाली है।

मैंने इसी मंच पर कहा था कि यह बनी बनाई सरकार नहीं चला पाए, तो बनाएंगे कहां से? और देखो, नहीं बनी। लेकिन तुम भ्रम में आ गए और विकास अवरुद्ध हो गया।

विकास के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा

मिश्रा ने कहा ये फिर भ्रम फैला रहे हैं कि “बड़ो सीधो है, बड़ो मीठो है राजा।” राजा बड़ा मीठा है। ये एक्सपायरी डेट की होम्योपैथी की गोली है। वह मीठी होती है बहुत, लेकिन असर कुछ नहीं होता। दतिया वालों, वोट खराब मत करना। विकास अगर चाहिए तो इधर देखो। ये बैठे हैं मोहन यादव जी, मुख्यमंत्री जी। विकास इधर है, उधर नहीं है।

अब तुलना करो विकास की। उनका नेता जीतू पटवारी और ये मोहन यादव। कहां राम-राम, कहां टेंटें। गलत कह रहा हूं तो टोकिए मुझे। वह कहां से विकास करेगा, यह नहीं बता रहे।

दतिया वासियों, 15 साल राजेंद्र भारती विधायक रहे, 26 साल उनके पिताजी…

नरोत्तम मिश्रा ने भाषण में कहा कि जोर-जोर से बोलो, 40 और 10 साल यह घनश्याम सिंह विधायक रहे इसी दतिया से और 15-5 साल उनके पिताजी। कितने हो गए? 10 और 5 और 40 और 15- 55 साल का… ये कांग्रेस के लोग एक विकास का काम दतिया के लिए बता दें, तो आप जो कहो, सो हारने के लिए तैयार हैं।

भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

यह विकास पर वोट ही नहीं मांग रहे हैं। अचंभे की बात देखो कि विकास पर कांग्रेस वोट नहीं मांग रही। विकास पर सिर्फ भारतीय जनता पार्टी वोट मांग रही है। आशुतोष तिवारी जीतेंगे तो हमारे मुख्यमंत्री जी के सामने होंगे। उपमुख्यमंत्री के पास में होंगे। मंच पर आधा दर्जन मंत्री बैठे हैं। नारायण सिंह जी, ऐंदल सिंह जी उनके पास जाकर दतिया की बात रखेंगे।

…और घनश्याम सिंह जीते तो कहां जाएंगे? विचार करना इस बात का। मेरी बात को अन्यथा मत लेना।

मैं आपके बीच का हूं। 15 साल आपने मुझे देखा है। 15 साल मैंने अपने आप को गला कर दतिया की सेवा की है, मेरे दतिया के मालिकों।

ऐसा कोई प्रतिष्ठान नहीं है, जो दतिया में नहीं लाए हम उन 15 सालों में। चाहे मेडिकल कॉलेज रहा हो, वेटरनरी कॉलेज रहा हो…। अरे, चार बिस्तर का अस्पताल था, रेफरल अस्पताल कहते थे। अब 400 कमरों का अस्पताल है। बिना मोबाइल के मरीज को नहीं ढूंढ सकते। यह उपलब्धि है, भारतीय जनता पार्टी की।

यह उपलब्धि है, भारतीय जनता पार्टी की कि जब मैं आया था 20 साल पहले तो दतिया में तांगे चलते थे, तांगे… आज दतिया में हवाई जहाज चल रहे हैं…। यह उपलब्धि है।

कार्यकर्ताओं से भावुक अपील

मिश्रा ने कहा कि मैं आया था तो घरों के दरवाजे पर पानी की कट्टी रखी रहती थी। घरों के आगे नल से पानी भरने के लिए गड्ढे खुदे थे। आज शहर तो क्या, गांवों के अंदर नल-जल योजना चल रही है। बिसलेरी का पानी जा रहा है। लोग बिसलेरी के पानी में भैंसें तैरा रहे हैं। यह विकास होता है, जाकर देखो।

20 साल पहले जब कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार थी, तो इलाके में डाकुओं का विचरण होता था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई तो इस दतिया को शांति का टापू बना दिया। एक भी चिन्हित गैंग नहीं बची इलाके में।

यह काम होता है। अरे कांग्रेस के लोगों, काम बताओ। काम बताओ और वोट मांगो। हम अपने काम बता रहे हैं, तुम अपने बताओ। मैं आपको सच बता रहा हूं, दतिया के मालिकों। पार्टी ने बहुत दिया है। 30 साल तक जिस पार्टी ने विधायक बनाकर रखा, जिस पार्टी ने 15 साल तक मंत्री बनाकर रखा, और क्या चाहिए पार्टी से?

रात-दिन भाजपा की सेवा करके, पूरी सेवा करके, मनसा-वाचा-कर्मणा एक-एक कार्यकर्ता प्राण झोंक देगा आशुतोष भैया के लिए। प्राण झोंक दिए जाएंगे आशुतोष भैया के लिए। यह भ्रम और मुगालते में कोई नहीं रहे कि कोई कार्यकर्ता घर बैठेगा। 16 तारीख से स्वयं यहीं पर डेरा जमाएंगे, सारे कार्यकर्ताओं के साथ में।

मेरे दतिया के मालिकों, एक-एक दरवाजे पर अपना शीश नवाऊंगा, एक-एक गांव के अंदर जाऊंगा और आशुतोष को जिताऊंगा।

दतिया में बीजेपी की सभा में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की आंखें छलक गईं। उनका गला भर आया, आवाज भर्रा उठी। नरोत्तम ने कहा- कांग्रेस कहती है कि भाजपा में फूट है। देख लीजिए, हम सब यहां साथ खड़े हैं। मैं इस उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को जिताने दतिया के एक-एक घर के सामने शीश नवाऊंगा।

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