मध्यप्रदेश के जबलपुर की पाटन विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अजय विश्नोई एक बार फिर अपनी ही सरकार से सवाल पूछते नजर आए हैं।
जबलपुर नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार के तबादले को लेकर इंटरनेट मीडिया पर टिप्पणी करने के बाद अब उन्होंने प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर की योजना और उसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए हैं।
विधायक विश्नोई ने पूछा है कि जबलपुर और उनकी विधानसभा के मझौली विकासखंड को कॉरिडोर में शामिल किया गया है, तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसकी विस्तृत जानकारी क्यों नहीं दी गई।
‘योजना बन गई, लेकिन हमें ही नहीं बताया’
अजय विश्नोई ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट साझा कर जबलपुर में उद्योगों के आने की लंबे समय से चली आ रही उम्मीद का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि जबलपुर में आयोजित पहली इन्वेस्टर मीट के बाद से ही शहर में नए उद्योग स्थापित होने का इंतजार है। वर्षों बाद औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में अच्छी खबर मिली और यह भी पता चला कि इसमें जबलपुर के साथ उनकी विधानसभा के मझौली विकासखंड को शामिल किया गया है।
विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि योजना तैयार करते समय भले ही छोटे जनप्रतिनिधियों से चर्चा नहीं की गई, लेकिन योजना बन जाने के बाद ही उन्हें इसकी जानकारी दे दी जाती तो अच्छा होता।
औद्योगिक कॉरिडोर से जबलपुर को क्या मिलेगा?
विश्नोई ने अपनी पोस्ट में उद्योगों की स्थापना और योजना के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने जानना चाहा कि कॉरिडोर की योजना वास्तव में धरातल पर कब उतरेगी और जबलपुर के हिस्से में क्या आएगा।
उनकी टिप्पणी का मुख्य सवाल यह है कि औद्योगिक कॉरिडोर में क्षेत्र को शामिल किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर उद्योगों की स्थापना, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को लेकर स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं है। जबलपुर के उद्योगपतियों की प्रसन्नता जताती तस्वीरों का जिक्र करते हुए उन्होंने यह भी संकेत दिया कि योजना की घोषणा के साथ उसके वास्तविक लाभों की जानकारी भी सामने आनी चाहिए।
सरकार पर सवालों से फिर चर्चा में विधायक
अजय विश्नोई पहले भी प्रशासनिक और सरकारी फैसलों को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते रहे हैं। नगर निगम आयुक्त के तबादले के बाद औद्योगिक कॉरिडोर पर उनकी टिप्पणी ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।



