दूध, घी और दूध से बने उत्पादों में मिलावट न हो, इसलिए खाद्य एवं औषधि विभाग पूरे प्रदेश में अभियान चला रहा है। इस दौरान मिलावटखोरी के आंकड़े चौंका रहे हैं।
विभाग के अनुसार, घी के कुल 27 सुरक्षित नमूनों में 13 भोपाल, 8 इंदौर के है। इन्हें लेकर अब आगे की कार्रवाई की जा रही है।
भोपाल में द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन, दानेदार, भूमि, धोलपुर फ्रेश, भूमि प्रीमियम प्योर के नमूने असुरक्षित पाए गए। डिंडौरी के वास्तु और गोपी श्री, इंदौर के 8- श्री सुधा प्रीमियम, गुमार प्योर, शुद्ध घी, गाय का घी, वास्तु एगमार्क देशी घी, उज्जैन के 2- एसआईएमआई मिल्क देशी घी और दमोह-धार का एक-एक नमूना असुरक्षित पाया है। इसके बाद विभाग अब आगे की कार्रवाई कर रहा है।
कुल 2234 सैंपल लिए गए
20 जुलाई से 10 अगस्त के बीच कुल 2234 दूध या दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए गए। इनमें दूध के 849, मावा के 106, पनीर के 296, घी के 601 और अन्य उत्पादन के 382 नमूने शामिल हैं। कुल 44 हजार 407 किलो सामग्री की कीमत 2.73 करोड़ रुपए है। इस दौरान 8 लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए। 73 नमूने फेल हुए। एफएसएस एक्ट के तहत 38 प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए एक मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई।
समीक्षा में लापरवाही सामने आई
अभियान के तहत मंगलवार को आयुक्त/नियंत्रक खाद्य एंव सुरक्षा प्रशासन ने प्रदेशव्यापी अभियान की समीक्षा की। इस दौरान तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता मुरैना, प्रीति राय सागर एवं राजेश राय पन्ना को सौंपे गए कार्य में लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
वहीं, विभिन्न जिलों के 42 उप संचालक/अभिहित अधिकारियों/खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी सिविल सेवा आचरण नियम अंतर्गत कारण बताओ नोटिस/ स्पष्टीकरण जारी किए गए हैं।
पेट्रोल में पानी मामले में कल होगी जांच
भोपाल के 80 फीट रोड और जहांगीराबाद स्थित दो पेट्रोल पंप में सोमवार को हंगामा हुआ था। यहां के पेट्रोल में पानी मिला हुआ पाया गया था। इस पर ग्राहकों ने हंगामा कर दिया था। खाद्य विभाग ने दोनों ही पंप सील कर दिए हैं और मंगलवार को कार्रवाई करने जाने वाली थी, लेकिन जांच नहीं हुई। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि बुधवार को जांच करने के लिए टीम मौके पर भेजी जाएगी।



