लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के 142 साल के इतिहास में पहली बार खेला गया महिला टेस्ट भारतीय टीम ने जीत लिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हरा दिया। भारतीय टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में मेजबान टीम पर भारी पड़ी।
रनों के लिहाज से यह भारतीय महिला टीम की दूसरी सबसे बड़ी टेस्ट जीत रही। इससे पहले टीम ने 2023 में इंग्लैंड को ही 347 रन से हराया था। भारत को आज तक इंग्लैंड में महिला टेस्ट में हार नहीं मिली है। टीम ने यहां अब तक 11 टेस्ट खेले हैं, जिनमें 3 जीते हैं, जबकि 8 मुकाबले ड्रॉ रहे।
भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड 170 पर सिमट गई। भारत को 115 रन की बढ़त मिली। भारत ने दूसरी पारी 341 रन पर घोषित की और 457 रन का टारगेट दिया। इंग्लैंड 186 पर ऑलआउट हो गई।
ऐतिहासिक टेस्ट मैच की 3 बड़ी बातें
1884 में इसी मैदान का पहला टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की पुरुष टीमों के बीच खेला गया। यहां पहला महिला टेस्ट मैच होने में 142 साल लग गए। 10 जुलाई 2026 को भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों ने पहला टेस्ट खेला।
यस्तिका भाटिया लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली महिला टेस्ट क्रिकेटर बनीं। क्रांति इस ग्राउंड पर 5 विकेट लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने दोनों पारियों में फिफ्टी लगाई। उन्होंने पहली पारी में 83 और दूसरी पारी में 70 रन बनाए।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शेफाली वर्मा बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना (83), कप्तान हरमनप्रीत कौर (58) और दीप्ति शर्मा (57) की पारियों से भारत ने 285 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन फिलर ने 2-2 विकेट लिए।
जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई। क्रांति गौड़ ने 5 विकेट झटके। सयाली सतघारे और स्नेह राणा ने 2-2 विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। एमी जोन्स ने 52 और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने 44 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके।
यस्तिका ने रचा इतिहास, भारत ने मैच पर कब्जा जमाया
115 रन की बढ़त के साथ दूसरी पारी खेलने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 88 रन की शुरुआत दी। इसके बाद यस्तिका भाटिया ने जिम्मेदारी संभालते हुए 113 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने स्मृति के साथ 73 और दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन की साझेदारी की।
ऋचा घोष ने नाबाद 50 और सयाली सतघारे ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत को 341/7 तक पहुंचाया। इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने 5 विकेट लिए, लेकिन भारत ने 456 रन की बढ़त हासिल कर ली।
चौथे दिन भारतीय स्पिनरों ने खत्म किया मुकाबला
457 रन का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टैमी ब्यूमोंट, माया बुशियर, हीदर नाइट और कप्तान नेट-ब्रंट जल्दी आउट हो गईं। एमी जोन्स ने 54 और सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड ज्यादा देर टिक नहीं सका।
स्नेह राणा ने 4 विकेट लिए। सयाली सतघारे, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 270 रन से जीत लिया।
सचिन मैच देखने पहुंचे
चौथे दिन मुकाबला शुरू होने से पहले सचिन तेंदुलकर ने भारतीय टीम का हौसला बढ़ाया। ब्रॉडकास्ट के दौरान इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने कहा, भारतीय खिलाड़ियों और फैंस के लिए इससे बड़ा पल नहीं हो सकता। सचिन तेंदुलकर खुद यहां आकर खिलाड़ियों से बात कर रहे हैं।



