मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दतिया उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का नामांकन दाखिल कराया. इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा कि बीजेपी विकास का पर्याय है, जबकि कांग्रेस को सिर्फ वोट बैंक की राजनीति से मतलब है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चुनाव बीजेपी के लिए “विजय अभियान” है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जमीन की हकीकत से दूर है और ऐसी बातें करती है जैसे पूरा आसमान खरीद लेगी. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी लगातार मजबूत हुई है और देश के 80 प्रतिशत हिस्से से कांग्रेस का सफाया हो चुका है.
सभा में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद रहे.
डॉ. यादव ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के बड़े नेता अपने परिवार की पुरानी राजनीति को ही आगे बढ़ा रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 1956 से 2003 तक कांग्रेस शासन में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 11 हजार रुपये सालाना थी, जबकि आज यह बढ़कर 1.59 लाख रुपये हो गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में पहले डाकुओं और फिर नक्सलियों का आतंक था, जबकि मोदी सरकार ने “लाल सलाम को आखिरी सलाम” कर दिया है. उन्होंने कहा कि पहले रात में भी बिजली नहीं मिलती थी, जबकि अब दिन में भी बिजली उपलब्ध है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दतिया के विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि यदि दतियावासी 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य भी बताएंगे तो सरकार उन्हें पूरा करने के लिए तैयार है.
उन्होंने बताया कि प्रदेश को हाल ही में 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. साथ ही गुना-शिवपुरी में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है. उन्होंने कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन का तेजी से विकास हुआ है और सरकार भगवान राम व भगवान कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब देश में एक राष्ट्र, एक संविधान और एक राष्ट्रगान है तो अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समान नागरिक संहिता पर चर्चा करने से भी बचती है और उसकी राजनीति विकास के बजाय जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने की रही है.



