राजधानी भोपाल के ऐशबाग स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के करीब 600 मकानों को तोड़ने की तैयारी है। ये मकान जर्जर घोषित किए गए हैं।
बारिश के बीच इन मकानों को तोड़ने का विरोध भी किया जा रहा है। मंगलवार को कई लोग कलेक्टोरेट पहुंचे और कार्रवाई न करने की गुहार लगाई।
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के नेतृत्व में पीड़ित परिवार कलेक्टोरेट पहुंचे और गेट के सामने ही जमीन पर बैठ गए।
शुक्ला ने इस कार्रवाई का विरोध जताते हुए कहा कि बरसात के मौसम में लगभग 600 परिवारों को बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था या विस्थापन के बेघर करना पूरी तरह से अमानवीय और अन्यायपूर्ण है। इन मकानों में लोग पिछले कई दशकों से अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं।
अचानक बिना समय दिए और बिना किसी पुनर्वास नीति के इस तरह की कार्रवाई से सैकड़ों बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।
उचित जगह मिल जाए तो हमें कोई दिक्कत नहीं प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि हम विकास या सुरक्षा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर इंसानों को उजाड़ना और उन्हें इस मौसम में सड़कों पर रहने के लिए मजबूर करना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
जब तक हर एक रहवासी को उचित न्याय और रहने की पक्की जगह नहीं मिल जाती, तब तक हमारा यह शांतिपूर्ण और कानूनी संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर युवा कांग्रेस भोपाल अध्यक्ष अमित खत्री, संदीप सरवैया, अमजद लाला, मो. आमिर, अकबर खान आदि मौजूद थे।



