सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, रिक्त पदों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाई गई। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सीजेपी प्रमुख अभिजित दीपके भी पहुंच गए।
दोपहर करीब 1:40 बजे तक प्रदर्शन स्थल पर अभ्यर्थियों की संख्या लगातार बढ़ती रही। आयोजकों का दावा है कि प्रदर्शन में लगभग 2,000 लोग शामिल हुए।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्गों पर अभ्यर्थियों का लगातार आना-जाना जारी रहा, जिससे प्रदर्शन ने बड़ा स्वरूप ले लिया।
भर्ती और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर नाराजगी
CJP का कहना है कि यह प्रदर्शन सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों की समस्याओं को उजागर करने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। संगठन लंबे समय से भर्ती में देरी, खाली पदों को न भरने और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है।
आयोजकों ने संकेत दिया कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले हफ्तों में भी सरकार के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की जाएगी।
मंच से भाषण, कविता और गीत
प्रदर्शन के दौरान मंच से शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों पर भाषण दिए गए। कविता और गीतों के माध्यम से भी अभ्यर्थियों की समस्याओं को सामने रखा गया। प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और तख्तियां लिए हुए थे, जिनमें शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर व्यंग्यात्मक संदेश भी लिखे गए थे।
कार्यक्रम के दौरान एक वक्ता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में एक नया “वायरस” आ गया है। इस टिप्पणी के बाद प्रदर्शनकारियों ने “गो प्रधान गो” के नारे लगाए।
पुलिस से सहयोग की अपील
सभा को संबोधित करते हुए एक CJP नेता ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन देश और युवाओं के भविष्य के लिए है तथा वे पुलिसकर्मियों के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। नेता ने दावा किया कि विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों ने भी संगठन के प्रयासों की सराहना की है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनात रहे। प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी और प्रतिभागियों को प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच तथा बॉडी स्कैनिंग से गुजरना पड़ा।
सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं के बीच लगातार असंतोष देखने को मिल रहा है।



