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एसआईआर और वोट लूट के मुद्दे पर इंडी गठबंधन के 22 दलों ने की बैठक

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विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए में शामिल 22 दलों ने सोमवार को आपसी समन्वय और एकजुटता बढ़ाने का आहृवान करते हुए एसआईआर और ‘वोट लूट’ के मुद्दे पर देश के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने का फैसला किया।

साथ ही नीट पेपर लीक तथा सीबीएसई 12वीं बोर्ड की नई ओएसएम की त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन प्रणाली विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की।

वहीं विपक्षी खेमे के बीच सहयोग तथा समन्वय बढ़ाने के लिए अब हर दो महीने में आईएनडीआईए की बैठक बुलाने पर सभी घटक दलों ने एक सुर से हामी भरी और इसके मद्देनजर अगली बैठक हैदराबाद में अगस्त महीने में बुलाने का फैसला भी लिया गया।

खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में राजधानी में हुई इस बैठक में विपक्षी खेमे के दलों ने पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद उभर रही राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा भी की।

इस दौरान चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के काम करने के तौर-तरीकों पर चर्चा हुई तो भाजपा सरकार की कार्यशैली से लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली पर गहराते संकट के मुद्दे पर भी विपक्षी नेताओं ने बातचीत की।

विपक्षी दलों की इस बैठक की खास अहमियत यह रही कि पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद ममता बनर्जी अब आईएनडीआईए की सक्रियता पर ज्यादा जोर दे रही हैं।

दिल्ली चुनाव के पहले अलग हुई थी आप 

तमिलनाडु में कांग्रेस के विजय के साथ जाने के फैसले के बाद द्रमुक विपक्षी दलों की इस बैठक में शामिल नहीं हुई। आम आदमी पार्टी बीते दिल्ली चुनाव के बाद ही आईएनडीआईए से अलग हो चुकी है।

लंबे अर्से बाद हुई आईएनडीआईए की हुई बैठक के पश्चात मल्लिकार्जुन खरगे ने तमाम विपक्षी नेताओं की मौजूदगी में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बैठक में पांच बिंदुओं पर सहमति से लिए गए फैसले की जानकारी दी।

खरगे ने कहा कि संपूर्ण विपक्ष के बीच यह सहमति बनी है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), मतदाता सूची में हेरफेर तथा चुनावों की निष्पक्षता पर उठे गंभीर प्रश्नों के संबंध में भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश को शीघ्र एक पत्र भेजा जाएगा।

सूत्रों के अनुसार बैठक में शामिल चर्चित वकील राज्यसभा के निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने सीजेआई को पत्र लिखने का सुझाव दिया जिस पर सबने हामी भरी। इस दौरान प्रस्तावित पत्र का मसौदा भी साझा किया गया।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

धर्मेंद्र प्रधान के एक सुर से इस्तीफे की विपक्षी दलों के बीच बनी दूसरी सहमति का उल्लेख करते हुए खरगे ने कहा कि देश के लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले अनेक गंभीर मुद्दों की स्थिति को देखते हुए यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की जाए क्योंकि उनके कार्यकाल में नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में शामिल लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों तथा जन सरोकारों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार से तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की विपक्षी दलों ने मांग की है।

वहीं विपक्षी दलों की आपसी एकजुटता तथा समन्वय बढ़ाने के लिए बैठक में आईएनडीआईए जनबंधन के सभी दलों की प्रत्येक दो माह में बैठक करने पर सहमति बनने का उल्लेख करते हुए खरगे ने कहा कि इस क्रम में अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी।

कौन-कौन हुआ शामिल?

विपक्षी नेताओं के बीच इस पर भी सहमति बनी कि आगामी मानसून सत्र के दौरान आपसी साझेदारी तथा रणनीतिक समन्वय बनाए रखने के लिए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में प्रति दिन बैठक आयोजित की जाएगी।

विपक्षी नेताओं की इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश, ममता बनर्जी, यादव, एनसी नेता जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला, राजद नेता तेजस्वी यादव, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, भाकपा के डी राजा, माकपा के जान ब्रिटास, सीपीआईएमएल के दीपांकर भटटाचार्य आदि शामिल हुए।

झामुमो नेता झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्यसभा के नामांकन तो शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे पारिवारिक समारोह के चलते वर्चुअल तरीके से बैठक में शामिल हुए। तमिलनाडु में कांग्रेस की नई साझेदारी सीएम विजय की पार्टी टीवीके बैठक में शामिल नहीं थी क्योंकि इसमें उन लोगों को ही आमंत्रित किया गया था जो मूल ‘आईएनडीआई’ गठबंधन का हिस्सा थे।

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