औषधि विभाग की तीन तक चली कार्रवाई के बाद शनिवार को नकली और सेंपल की दवाओं के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है।
29 औषधि निरीक्षकों की टीम ने 18 फर्मों की जांच के बाद 1.72 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त कर दीं। इसमें डेढ़ करोड़ की सेंपल की दवाएं शामिल हैं।
झूलेलाल मार्केट के बाद गोल्डन प्लाजा में टीम को अवैध दवा गोदाम मिला। इसको भी सीज कर दिया गया है। टीम ने सभी फर्मों से 48 नमूने लेकर जांच को भेजे हैं। इसमें एंटीबायोटिक्स से लेकर मधुमेह, हृदय रोग, थायराइड, दर्द निवारक दवाएं हैं।
आधा दर्जन फर्मों से दवा की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। देर रात औषधि विभाग की टीम मुकदमा दर्ज कराने कोतवाली थाने पहुंच गई।
तीन दिन में 29 औषधि निरीक्षकों की टीम ने की 18 फर्मो की जांच की
सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय के निर्देशन में 29 औषधि निरीक्षकों की टीम ने गुरुवार को छापा मारा था, टीम ने झूलेलाल मार्केट की तीसरी मंजिल पर दो गोदामों के ताले तोड़कर जांच की। दोनों गोदामों में कार्टन और बोरों में सैंपल की दवाएं भरी हुईं थीं। सैंपल की दवाएं जिन्हें फार्मा कंपनियों द्वारा डॉक्टर के माध्यम से मरीजों को निश्शुल्क देने के लिए उपलब्ध कराया जाता है, उन्हें सस्ती दर पर बाजार में बेचा जा रहा था।
टीम ने 150 तरह की सैंपल की दवाएं जब्त कीं
टीम ने 30 फार्मा कंपनियों की 150 तरह की सैंपल की दवाएं जब्त की हैं, इसमें बड़ी कंपनियों की भी दवाएं हैं। जिन दवाओं की बिक्री ज्यादा होती है उनकी मात्रा ज्यादा मिली है। एंटीबायोटिक्स, मधुमेह, हृदय रोग, पेट संबंधी बीमारियां, दर्द निवारक, मल्टी विटामिन दवाओं का जखीरा मिला है। इन दवाओं का ब्योरा दर्ज किया जा रहा है साथ ही जिन कंपनियों की ये दवाएं हैं उनको भी नोटिस भेजा जाएगा।
झूलेलाल मार्केट के बाद गोल्डन प्लाजा में टीम काे मिला अवैध दवा गोदाम
टीम ने शाम को गोल्डन प्लाजा के बेसमेंट में बने गोदाम पर छापा मारा। इसको सीज कर दिया गया। टीम ने दवाओं के सीज करने के साथ ही बैक ट्रेकिंग भी की । इसके माध्यम से अभिलेखों और सॉफ्टवेयर की जांच की गई। इसके बाद अवैध गोदामों तक टीम पहुंची। तीन दिन चली कार्रवाई में इंसुलिन जैसी अति संवेदनशील दवाओं के असुरक्षित और मानकों के विरुद्ध भंडारण जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा अपराध माना गया है।
एक्सपाइरी दवाओं की री लेबिलिंग करके दोबारा बाजार में खपाने की तैयारी कर रहे थे
आरोपित एक्सपाइरी दवाओं की री लेबिलिंग करके दोबारा बाजार में खपाने की तैयारी कर रहे थे। इसी तरह सरकारी आपूर्ति और फिजीशियन सेंपल दवाओं की अवैध तरीके से ऊंचे दामों में विक्री किए जाने का मामला भी सामने आया है। 18 फर्मों की जांच के बाद 1.72 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त कर दीं। इसमें डेढ़ करोड़ की सेंपल की दवाएं शामिल हैं। वहीं दवाओं के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख न दिखाने पर 19.38 लाख रुपये की दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई गई है।
कोल्ड चेन ब्रेक भंडारण पर 3.60 लाख रुपये की दवाएं सीज की गई हैं। झूलेलाल मार्केट के बाद गोल्डन प्लाजा में टीम को अवैध दवा गोदाम मिला।इसको भी सीज कर दिया गया है। टीम ने सभी फर्मों से 48 नमूने लेकर जांच को भेजे हैं।
इंस्पेक्टर कोतवाली भानु प्रताप सिंह ने बताया कि औषधि विभाग की टीम तहरीर दे रही है। तहरीर मिलने पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
किस पर क्या हुई कार्रवाई
ज्योति ड्रग हाउस, नारायण दास हंस राजानी के झूलेलाल मार्केट स्थित दुकान के अतिरिक्त तीसरी मंजिल पर चल रहे गैर कानूनी गोदाम से बड़ी मात्रा में फिजिशियन सेंपल की दवाएं मिलीं। इनका कोई अभिलेख नहीं दिखाया गया। ऐसे में सभी अवैध औषधियों को जब्त करते हुए 10 नमूने लिए गए।
साहनी मेडिकल एजेंसी- व्यापारिक रिकॉर्ड में विसंगति पाई गई। पांच लाख रुपये का स्टाक सीज किया गया। महंगे इंजेक्शन के क्रय अभिलेख न होने पर तीन नमूने लिए गए।दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
महादेव मेडिकल- कोल्ड चेन मानकों का उल्लंघन करने पर इंजेक्शन को सीज किया गया। दवाओं के बिल न प्रस्तुत करने पर बिक्री पर रोक लगाई गई। तीन नमूने लिए गए।
जीत केमिस्ट, कोल्ड चेन रखरखाव न होने के कारण 16 लाख रुपये के इंजेक्शन का स्टाक फ्रीज किया गया। महंगे इंजेक्शन के बिल न दिखाने पर बिक्री रोकी। तीन नमूने लिए गए।
श्री गणेश एंटरप्राइजेज, सेल रिकार्ड में विसंगति पर दो लाख रुपये का स्टाक फ्रीज किया गया। तीन नमूने लिए गए।
श्रीजीएलएस फार्मा, बिल न दिखाने पर 25 हजार रुपये का स्टाक फ्रीज किया गया। दो नमूने लिए गए।
वीना एंटरप्राइजेज, संदिग्ध केनाकोड के 293 वाइल्स के स्टाक की बिक्री पर रोक लगा दी गई। इनकी कीमत 58600 रुपये है। तीन नमूने लिए गए।
युग फार्मा, हींग की मंडी, जीवनी रक्षक इंसुलिन को बिना कोल्ड चेन के रखा गया था। बिल प्रस्तुत नहीं किए। 3.60 लाख रुपये की दवाएं फ्रीज कर दीं। तीन नमूने लिए गए।
नंदन फार्मा, यहां से कोल्ड चेन बायोलाजिक्स के अनाधिकृत और असुरक्षित भंडारण को पकड़ा गया। महंगे इंजेक्शन के बिल नहीं दिखा। बिक्री प्रतिबंधित की गई और तीन नमूने लिए गए।
जय श्रीराम फार्मा, फर्म का लाइसेंस निलंबित है। इसके दो ब्रांच से कुल चार नमूने लिए गए।
श्री बिहारी जी फार्मा, ब्रांडेड दवा ओफ्लोक्सासिन के नकली बैच का स्टाक मिला। इसके बिल नहीं दिखाने पर 55 हजार रुपये का स्टाक सीज किया गया। दो नमूने लिए गए।
श्री वैष्णो फार्म, परिसर में उपलब्ध संदिग्ध स्टाक की सघन जांच कर पांच नमूने लिए गए।
तनिष्का फार्मा, संदिग्ध भंडारण की जांच के बाद तीन नमूने लिए गए।
पोरवाल मेडिकल, द्वारिकाधीश, राधे कृपा फार्मा, शारदा मेडिकल, एकांश फार्मा की भी जांच हुई।
हॉकर बेच रहे सैंपल की दवाएं
औषधि विभाग की टीम की जांच में सामने आया है कि एक थोक की दवा की दुकान पर कार्यरत दो हाकर द्वारा झूलेलाल मार्केट में गोदाम लिए थे, दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, पंजाब से सैंपल की दवाएं लेकर आते थे और यहां बाजार में दवाओं की बिक्री की जाती थी।
85 प्रतिशत थोक दवा की दुकानें रहीं बंद
औषधि विभाग की लगातार तीन दिन कार्रवाई से शनिवार को फव्वारा दवा बाजार में 85 प्रतिशत थोक दवा की दुकानें बंद रहीं। इससे मेडिकल स्टोर संचालकों को भी समस्या आ रही है वे दवाएं नहीं खरीद पा रहे हैं और करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। थोक दवा कारोबारियों को डर है कि वे दुकान खोलते हैं तो जांच के लिए टीम आ सकती है।



