शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज ने बुधवार शाम प्रयागराज में मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा-
अविमुक्तेश्वरानंद ने मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और वाराणसी के मठ-आश्रमों में बटुकों का यौन शोषण किया है। सारे सबूत हमारे पास हैं। मेडिकल में बटुकों से कुकर्म की पुष्टि हो गई है। जल्द ही मामले में न्याय होगा।
आशुतोष महाराज ने यूपी के डिप्टी CM पर प्रयागराज माघ मेले में साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘माघ मेला साजिश में यूपी के डिप्टी CM शामिल हैं। डिप्टी CM ने कहा था कि अभी धरना दो, जब हम आएं, तब खत्म करना।’ हालांकि आशुतोष महाराज ने दोनों में से किसी डिप्टी CM का नाम नहीं लिया।
इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मेडिकल में यौन शोषण की पुष्टि के दावे पर शंकराचार्य ने कहा,
वह बच्चा हमारे पास आया ही नहीं, तो यह सब कैसे हो सकता है। हमारे वकीलों ने सारे प्रमाण दिखा दिए कि वो बच्चे उसी के पास थे। इसका मतलब है कि अगर बच्चों के साथ कुछ हुआ है तो बच्चे जिसके साथ थे, उसी ने किया होगा।
उन्होंने कहा- शिकायतकर्ता जांच के घेरे में अपने आप आ जाएगा। इसको ये बताना पड़ेगा कि इन बच्चों का हमसे संपर्क कहां हुआ। जब बच्चे हमारे पास आए ही नहीं को कैसे हम कुकर्म कर सकते हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद बोले- हिंदुत्व खतरे में है
बुधवार सुबह भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा,
हिंदुत्व खतरे में है। जब केवल ड्रेस पहनकर लोग खुद को हिंदू बताने लगेंगे और बार-बार हिंदू-हिंदू कहेंगे, तो हिंदू को खतरा होना स्वाभाविक है। हिंदुत्व को हिंदुओं के बीच घुस आए ऐसे लोगों से खतरा है, जो वास्तव में हिंदू नहीं हैं। दिखावे के लिए खुद को हिंदू बताते हैं।
उन्होंने कहा- एक-डेढ़ महीने से कहा जा रहा है कि और भी छात्रों का यौन शोषण हुआ है। अगर ऐसा है, तो बाकी लोगों को क्यों बचाकर रखा गया है? अगर किसी के साथ अन्याय हुआ है और सिर्फ दो लोगों से मुकदमा दर्ज कराया गया है, तो इससे पता चलता है कि इसके पीछे साजिश है। जब उन्हें मुफीद होगा, तब उन्हें पेश किया जाएगा।
प्रयागराज पुलिस ने वाराणसी में डेरा डाला
प्रयागराज पुलिस पिछले 3 दिन से वाराणसी में डेरा डाले है। पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है, लेकिन अभी तक आश्रम नहीं पहुंची है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस फिलहाल शंकराचार्य से जुड़े सबूत जुटाने में लगी है। मामला हाई-प्रोफाइल होने से पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। माना जा रहा है, पूरी तैयारी और होमवर्क के बाद ही पुलिस शंकराचार्य या उनके शिष्यों से पूछताछ करेगी।
वहीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शंकराचार्य के समर्थन में उतर आई है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में कांग्रेस उनके समर्थन में प्रदर्शन करेगी।
श्री विद्या मठ में बुधवार सुबह शंकराचार्य ने पूजा-पाठ किया। इसके बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की।
श्री विद्या मठ में बुधवार सुबह शंकराचार्य ने पूजा-पाठ किया। इसके बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की।
क्या है पूरा मामला
प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए।
24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।



