नई पीएमओ बिल्डिंग सेवा तीर्थ में मंगलवार को हुई पहली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इसी क्रम में मोदी कैबिनेट ने केरल सरकार के राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
यह कदम अप्रैल-मई में होने वाले केरल विधानसभा चुनावों से पहले उठाया गया है। केरल विधानसभा ने 24 जून, 2024 को एकमत से एक प्रस्ताव पास किया था, जिसमें केंद्र से राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर केरलम करने की अपील की गई थी।
विधानसभा के प्रस्ताव के बाद मंगलवार को हुई यूनियन कैबिनेट की मीटिंग में राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम करने को मंजूरी दे दी गई है। केरल विधानसभा ने दूसरी बार प्रस्ताव पास किया था क्योंकि गृह मंत्रालय ने कुछ टेक्निकल बदलावों का सुझाव दिया था।
मुख्यमंत्री विजयन के प्रस्ताव को हरी झंडी
इस प्रस्ताव को पेश करने वाले मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन चाहते थे कि केंद्र सरकार संविधान के आठवें शेड्यूल में शामिल सभी भाषाओं में दक्षिणी राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम कर दे।
प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य को मलयालम में ‘केरलम’ कहा जाता है और मलयालम बोलने वाले समुदायों के लिए एक संयुक्त केरल बनाने की मांग राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही जोरदार तरीके से उठी है। लेकिन उन्होंने कहा था कि संविधान के पहले शेड्यूल में राज्य का नाम केरल लिखा है।
सदन ने अगस्त 2023 में भी एक जैसा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास करके केंद्र को भेजा था, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उसमें कुछ टेक्निकल बदलाव सुझाए थे।



