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एसआईआर के दौरान मंदसौर पुलिस की पहल से 22 साल बाद मां से मिला बेटा

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मध्य प्रदेश पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए एक ऐसी उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है, जिसने पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और जनता के प्रति समर्पण को पुनः प्रमाणित किया है।

लगभग 22 वर्षों से लापता व्यक्ति को उसकी माँ से मिलाकर पुलिस ने न केवल एक परिवार को पुनः जोड़ने का कार्य किया, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) ने खोली उम्मीद की नई राह

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) के तहत मतदाता सूची अपडेट करने के कार्य के दौरान प्राप्त सूचना से यह महत्वपूर्ण सुराग मिला कि लापता युवक अपनी जानकारी अपडेट कराने हेतु ग्राम पंचायत से अपने माता-पिता का एपिक नम्बर तलाश रहा है। यह सूचना उसकी माँ तक पहुँची और इसी आधार पर उन्होंने थाना स्तर पर आवेदन प्रस्तुत किया।

त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता एवं प्रोफेशनलिज़्म का उदाहरण

मंदसौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की। एक विशेष टीम गठित कर पंचायत, तहसील एवं निर्वाचन कार्यालय से आवश्यक रिकॉर्ड प्राप्त किए गए। तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों के समन्वय के बाद टीम ने लापता व्यक्ति का वर्तमान पता सत्यापित किया और उसे परिवार सहित सुरक्षित रूप से खोज निकाला।

22 वर्षों का इंतजार हुआ समाप्त — माँ की आँखों में खुशी के आँसू

लापता व्यक्ति को सुरक्षित रूप से उसके घर लाकर उसकी माँ से मिलाया गया। 22 वर्षों की पीड़ा, व्याकुल प्रतीक्षा और परिवार को एकजुट होते देख पुलिस टीम की मेहनत सार्थक हुई और उपस्थित हर व्यक्ति भावुक हो उठा।

एक मिसाल — समाज और पुलिस के बीच विश्वास का सेतु

इस उल्लेखनीय पहल ने यह सिद्ध किया है कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहयोग और संवेदनशील संवाद स्थापित होने पर असंभव प्रतीत होने वाले कार्य भी संभव हो जाते हैं। लंबे अंतराल के बाद बिछड़े परिवार का पुनर्मिलन पुलिस के अथक प्रयासों और संवेदनशीलता का परिणाम है।

 

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