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पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सुवेंदु अधिकारी ने बनाया मुख्य सचिव

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पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को सोमवार को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। राज्यपाल ने 1990 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल एवं गृह एवं पहाड़ी मामलों (चुनाव) विभाग के पदेन अतिरिक्त मुख्य सचिव को पश्चिम बंगाल का मुख्य सचिव नियुक्त किया है।

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मनोज कुमार अग्रवाल की अहम भूमिका रही। पहले से ही प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा थी कि अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाया जाएगा। अब इस पर सभी अटकलें खत्म हो गई हैं और उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा हो गई है। वहीं मनोज कुमार को मुख्य सचिव बनाए जाने पर सियासत शुरू हो गई है।

हालांकि, वर्तमान मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला की नई पोस्टिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है। मनोज कुमार अग्रवाल 1990 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और चुनाव आयोग ने उन्हें तीन नामों के पैनल में से मुख्य निर्वाचन अधिकारी पद के लिए प्राथमिकता दी थी।

इसके पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त विशेष पोल ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता को राज्य के नए और नौवें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया। 7 मई को चुनाव आयोग ने सुब्रत गुप्ता और विशेष पुलिस ऑब्जर्वर को उनकी चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। शनिवार को शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर सब्रत गुप्ता को उनका सलाहकार नियुक्त करने की घोषणा की।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि इन नियुक्तियों से साबित होता है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं था और उसने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया। उन्होंने इसे चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत बताया और कहा कि इस मिलीभगत को छिपाने की कोशिश भी नहीं की जा रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 27 लाख लोगों को वोट देने से वंचित कर दिया गया। मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा रणनीतिक तरीके से लागू की गई ताकि भाजपा को चुनावी लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि अब इस मिलीभगत को गुप्त या छुपाने का कोई प्रयास भी नहीं किया जा रहा है। ये नियुक्तियां इस बात के प्रमाण हैं कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं था और उसने केवल भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए काम किया। पूरे राज्य में 27 लाख लोगों को मतदान से वंचित रखते हुए चुनाव कराए गए। यह चुनाव आयोग द्वारा भाजपा को चुनावी लाभ दिलाने के लिए चतुराई से किया गया था।

हालांकि, भाजपा या चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।नपश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में 1990 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। वह इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे और 2026 विधानसभा चुनावों की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके अलावा, चुनाव आयोग द्वारा विशेष रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए 1990 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का मुख्य सलाहकार बनाया गया है।

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