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देर से आये, लेकिन क्या दुरुस्त भी आये मोदी ?

निहितार्थ: पैंतीस साल से अधिक की पत्रकारिता में मैंने क्राइम की रिपोर्टिंग (crime reporting) भी की है। उसी दौर का एक सच्चा किस्सा है।...

मानवता के जज्बे के खिलाफ हड़ताल

निहितार्थ: कोढ़ में खाज की बुराई मिलने का काम भी हो गया। राज्य के जूनियर डॉक्टर्स (junior doctors) कोरोना (Corona) के काल में हड़ताल...

बिल्ली के भाग्य से नहीं टूटेगा ये छींका

निहितार्थ: सुभीते के हिसाब से पानी के स्थानीय स्रोतों के अलग-अलग नाम लेकर एक मायनेखेज बात कही जाती है। वह यह कि अब तक...

क्या ये ‘दिमाग भटकाऊ’ अस्त्र है ?

एक सवाल सहज रूप से उठ रहा है। मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) में अदालत और पुलिस नाम की संस्थाओं का कोई अस्तित्व बाकी नहीं बचा...

नाथ की नैतिकता की राजनीति का सड़कछाप संस्करण

भूल बड़ी पुरानी है। ऐसी भूल, जिस पर धूल डालने का शुभ मुहूर्त भी न जाने कब का गुजर चुका है। तो भूल मात्रा...

क्या होगा केजरीवाल का अगला टारगेट

इन दो वस्तुओं का आरोह-अवरोह यूं तो इस तरह होता नहीं है। यानी अकल अपने निर्धारित खांचे से नीचे उतारकर घुटने में नहीं समाएगी।...

मोदी अब बंद करें उस्तरे की ये उस्तादी

देश की केन्द्रीय राजनीति (Central politics) में इसे 'छलावे की खेती' कह सकते हैं। इससे जुड़े तथ्य इतने विश्वसनीय हैं कि मामला किसान (Farmer)...

इस विवाद का न राजनीतिकरण हो और न मीडियाकरण

इसे आप बेशक बहुत छोटे स्तर के गृहयुद्धनुमा घटनाक्रम की संज्ञा दे सकते हैं। इस विश्लेषण का इस्तेमाल मामले की गंभीरता को कम करने...

अपने ही कर्मों से डूब गए राहुल लोधी

दमोह (Damoh) के विधानसभा उपचुनाव (Assembly by-election) में BJP हार गयी। यह नतीजा सबके सामने है। लेकिन इस नतीजे के पीछे भी बहुत कुछ...

मोदी जी, इन सवालों का जवाब देना ही होगा आपको

यह जरूरी नहीं है कि हर सवाल परंपरागत और तयशुदा खांचे वाला ही हो। उसमें 'क्या' 'क्यों' और 'कैसे' आदि की मौजूदगी शामिल की...

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