ईरान-इजरायल युद्ध के शुरू होते ही भारत में एलपीजी का संकट खड़ा हो गया। इसके बाद सरकारी ऑयल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में शत प्रतिशत डिजिटल ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू कर दिया।
इसका एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स के संघ ने विरोध किया है। उसने इसके खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
ईरान-इजरायल युद्ध के शुरू होने के बाद ही दुनिया भर में क्रूड ऑयल और एलपीजी समेत तमाम प्राकृतिक गैस की दिक्कत हो गई है। इस बीच भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी के 14.2 KG वाले घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी के लिए डिजिटल ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म लागू कर दिया है। इससे एलपीजी के ढेरों ग्राहकों, खास कर गांव में रहने वाले ग्राहकों को दिक्कत हो रही है। अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस बारे में फिर से विचार करने को कहा है।
बॉम्बे हाई कोर्ट के नागपुर बेंच ने गुरुवार को केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को यह निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि वे ऑफलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग और वितरण प्रणाली की निरंतरता के लिए आए एक रिप्रजेंटेशन पर विचार करें। कोर्ट का कहना है कि वह चाहे तो डिजिटल ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म को जारी रख सकते हैं लेकिन इसमें से कुछ को छूट मिले।
एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) के अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी ने बॉम्बे हाई कोर्ट के नागपुर बेंच में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया है कि सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए जो अनिवार्य ओटीपी वेरिफिकेशन सिस्टम लागू किया है, उससे गंभीर दिक्कतें देखने को मिल रही हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी भी एक समस्या है।
उन्होंने यह भी कहा कि नेटवर्क की विफलताएं, तकनीकी गड़बड़ियां और वेबसाइट में अवरोध अक्सर ग्राहकों को प्रमाणीकरण कोड प्राप्त करने से रोकते हैं। इससे सिलेंडर की डिलीवरी में देरी या रुकावट आती है। इसलिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरण के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (DAC) प्रणाली का विकल्प देखा जाए।
जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस राज वाकोड़े की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कंपनियों को कहा कि वह तीन सप्ताह के भीतर एसोसिएशन के रिप्रजेंटेशन पर निर्णय लें। उसके बाद इस याचिका को निपटा दिया गया। सुनवाई के दौरान वकील श्याम अहिरकर ने बताया कि तेल कंपनियों ने शुरू में 50% डिलीवरी के लिए DAC अथांटिकेशन लागू किया था।
बाद में इसे 95% तक बढ़ा दिया। इसके बाद, 4 अप्रैल, 2026 को व्हाट्सएप के माध्यम से एक संदेश प्रसारित हुआ, जिसमें LPG की 100% डिलीवरी के लिए DAC अनिवार्य किया गया। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सिलेंडर प्रमाणीकरण के बिना प्रदान किए गए तो वितरकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



