टिकट कटने और सीएम हाउस में सीक्रेट मीटिंग के बाद पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। साल 2023 में हार के बाद खुद को ‘समंदर’ बताने वाले पूर्व मंत्री अब बैकफुट पर हैं और अब कहते नजर आ रहे हैं कि ‘अब किनारे पर आराम से घर बना लें’ हमें कोई दिक्कत नहीं।
‘समंदर का पानी उतरता देखकर किनारे पर घर मत बना लेना, मैं वापस लौटकर आऊंगा…’ साल 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद कार्यकर्ताओं के सामने यह डायलॉग मारने वाले पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के सुर अब पूरी तरह बदल चुके हैं। दतिया उपचुनाव में टिकट कटने और सीएम हाउस में सीक्रेट मीटिंग के बाद अब वे कहते नजर आ रहे हैं, ‘समंदर किनारे घर बसा लें, कोई दिक्कत नहीं है।’
सीएम हाउस में मोहन यादव, संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से सीक्रेट मीटिंग के बाद जब नरोत्तम मिश्रा बाहर निकले तो तेवर और महौल बदल चुका था। कार्यकर्ताओं से शांति की अपील के बाद उनका एक और वीडियो खूब वायरल हो रहा है। मीडिया के ‘समंदर किनारे घर मत बना लेना’ वाले डायलाग पर पूछने पर उनका कहना था। ‘अब बड़े आराम से घर बना लें, क्या दिक्कत है…’
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में वे उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं को मना लेंगे। सब अपने हैं। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के चुनाव प्रचार को लेकर कहा कि, ‘मन से डूब के काम करेंगे पार्टी प्रत्याशी को जिताएंगे। सब मिलकर काम करेंगे। मीडिया के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, अब समंदर किनाने घर बना लें आराम से…आराम से घर बनाएं, किसी को कोई दिक्कत नहीं।
दतिया में टिकट कटने पर समर्थकों का उग्र प्रदर्शन
दरअसल, दतिया उपचुनाव में बीजेपी से टिकट न मिलने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बेहद नाराज हो गए। टिकट कटने की खबर आते ही दतिया में उनके समर्थकों ने एनएच-44 जाम कर दिया। रात भर धरना-प्रदर्शन किया। बाजार बंद करा दिए गए और स्थिति इस कदर बिगड़ी कि उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव भी कर दिया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और प्रशासन को आंसू गैस के गोले तक दागने पड़े।



