सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के एक कथित बयान के बाद बनी कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। नीट एंट्रेंस एग्जाम समेत लीक हुए सभी परीक्षाओं को लेकर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को — एक बार फिर सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है।
सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई प्रमुख किसान नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया है। दिपके के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ये नेता दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के बड़े आंदोलन और विरोध प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
किसानों को घर में किया गया बंद
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने एक्स पोस्ट में लिखा कि UP, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को नजरबंद किया जा रहा है ताकि वे जंतर-मंतर पर हमारे साथ शामिल न हो सकें। उन्होंने लोगों से रविवार सुबह 11 बजे से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की, ताकि केंद्र के खिलाफ पार्टी के आंदोलन को और बढ़ाया जा सके।
दिल्ली में सीजेपी कब से प्रदर्शन कर रही है?
आपको बता दें कि सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी 20 जून से दिल्ली के जंतर मंतर पर लगातार धरना दे रही है। देश के जाने-माने शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी रविवार को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, जहां उन्होंने भी अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। इस महा-आंदोलन के ज़रिए छात्र, शिक्षक और नागरिक संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘प्रधान गो बैक’ अभियान चला रहे हैं।
महाराष्ट्र में TET पेपर लीक पर भी फूटा गुस्सा
एक दिन पहले, दिपके ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक को लेकर सरकार की आलोचना की थी और कहा था कि इससे एक बार फिर अधिकारियों की निष्पक्ष रूप से प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने में अक्षमता उजागर हुई है। उन्होंने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई।



