देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में कानूनी मोर्चे पर बड़ी हलचल देखने को मिली है.
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस घोटाले के मुख्य नेटवर्क से जुड़ी गिरफ्तार महिला आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका पर CBI को नोटिस जारी किया है. अदालत ने CBI से इस याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है.
केंद्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में पूरे 10 दिन बिताने के बाद कोर्ट ने मनीषा वाघमारे को अब न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया है, जिसके बाद उनके वकीलों ने कोर्ट में नियमित जमानत के लिए अर्जी लगाई थी.
कोर्टरूम में हुई बहस के दौरान सीबीआई ने मनीषा वाघमारे की भूमिका को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मनीषा वाघमारे और सह-आरोपी प्रह्लाद कुलकर्णी ने कथित तौर पर गहरी साजिश रचकर नीट यूजी परीक्षा का गोपनीय प्रश्नपत्र लीक होने से पहले ही हासिल कर लिया था और फिर इसे मोटी रकम के बदले आगे बांटने का काम किया.
कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 5 जून 2026 की तारीख तय की है.
सीबीआई इस इंटर-स्टेट सॉल्वर नेटवर्क और अन्य रसूखदार आरोपियों की भूमिका को खंगालने में जुटी है.



