कावेरी जल विवाद एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय परियोजना को मंजूरी न देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह परियोजना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और कावेरी जल बंटवारे के फैसलों का उल्लंघन कर सकती है और इससे तमिलनाडु के लाखों किसानों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि कर्नाटक द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को तुरंत खारिज किया जाए, क्योंकि यह कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन करती है।
यह विवाद इसलिए गहरा गया है क्योंकि तमिलनाडु का मानना है कि यदि कर्नाटक कावेरी नदी पर यह नया जलाशय बनाता है, तो इससे राज्य के लाखों किसानों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी।
मुख्यमंत्री विजय ने चेतावनी दी है कि यह कदम न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि दशकों की कानूनी लड़ाई के बाद मिले समाधान को भी अस्थिर कर सकता है।
विजय ने जताई कड़ी आपत्ति
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में विजय ने इस बात पर हैरानी जताई कि जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग तमिलनाडु की आपत्तियों के बावजूद कर्नाटक के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने पत्र में लिखा “कर्नाटक ने मेकेदातु परियोजना के लिए ‘भूमि पूजन’ की घोषणा करके सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरी तरह से उल्लंघन किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के हालिया बयानों ने तमिलनाडु के किसानों के बीच भारी चिंता और बेचैनी पैदा कर दी है।



