नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ राजधानी में 1 अप्रैल से कई ऐसे बदलाव लागू हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर आम लोगों की जेब और दिनचर्या को प्रभावित करेंगे। इस बार बदलाव सिर्फ महंगाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बिजली, प्रॉपर्टी, कचरा प्रबंधन, रेलवे और टैक्स सिस्टम तक इसका असर दिखाई देगा।
कुल मिलाकर नए नियमों के बीच शहरवासियों को अब ज्यादा खर्च और ज्यादा जिम्मेदारी दोनों उठानी होंगी।
बिजली: जितनी ज्यादा खपत, उतना ज्यादा झटका
प्रदेश में बिजली दरों में औसतन 5% की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन असली असर खपत के हिसाब से दिखेगा। 200 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वालों को करीब 80 रुपए ज्यादा चुकाने होंगे, जबकि 400 यूनिट पर यह बढ़ोतरी 150 रुपए से ऊपर पहुंच जाएगी। यानी ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों की जेब पर सीधा बोझ बढ़ेगा।
प्रॉपर्टी: घर खरीदना अब और महंगा
राजधानी में कलेक्टर गाइडलाइन में औसतन 12% की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस फैसले के बाद प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी। तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में कीमतों में और ज्यादा उछाल देखने को मिलेगा, जिससे निवेश और घर खरीदना दोनों ही महंगे पड़ेंगे।
कचरा नियम: लापरवाही पर सीधे जुर्माना
1 अप्रैल से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियम लागू हो रहे हैं। अब हर घर को कचरा चार हिस्सों-गीला, सूखा, सैनिटरी और खतरनाक में अलग करना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर नगर निगम सीधे जुर्माना लगाएगा। बड़ी सोसायटी, होटल और अस्पतालों को अपना कचरा खुद निपटाने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
रेलवे: रिजर्वेशन और रिफंड सिस्टम में बदलाव
रेलवे ने भी यात्रियों के लिए नए नियम लागू करने शुरू कर दिए हैं। अब ट्रेन रवाना होने से आधा घंटा पहले तक क्लास अपग्रेड कराया जा सकेगा। इसके अलावा टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है, जो चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे।
आयकर: कानून आसान, प्रक्रिया होगी सरल
आयकर प्रणाली में भी बदलाव किए गए हैं। अब फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर जैसे जटिल शब्दों की जगह टैक्स ईयर का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे करदाताओं के लिए टैक्स प्रक्रिया को समझना और रिटर्न भरना आसान हो जाएगा।
टैक्स नहीं भरा तो छूट खत्म
31 मार्च तक नगर निगम ने टैक्स जमा करने पर बड़ी राहत दी थी। संपत्तिकर और जल शुल्क जमा करने पर अधिभार में 100% तक छूट मिल रही थी। लेकिन समय निकलते ही यह छूट खत्म हो जाएगी और 1 अप्रैल से खुद के उपयोग वाली संपत्तियों पर दोगुना भुगतान करना पड़ सकता है। 50% की छूट भी समाप्त हो जाएगी।
ड्रग्स के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान की तैयारी
इधर, प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस भी 1 अप्रैल से बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्रग्स नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्रवाई सिर्फ छोटे स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि ड्रग्स के पूरे नेटवर्क,सप्लाई चेन और सरगनाओं तक पहुंचकर उसे खत्म किया जाए। ऑनलाइन ड्रग्स सप्लाई, वीपीएन कॉल्स और डिजिटल नेटवर्क पर भी सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।



