कोलंबो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका तीन दिवसीय दौरा पूरा कर आज स्वदेश वापस लौट आए हैं। इससे पहले श्रीलंका दौरे के आखिरी दिन पीएम मोदी अनुराधापुरा गए, जहां जय श्री महाबोधि मंदिर में प्रार्थना किया। मंदिर में पीएम मोदी ने बौद्ध भिक्षु से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके भी थे। इसके बाद पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके संयुक्त रूप से महो-अनुराधापुरा रेलवे लाइन के लिए सिग्नलिंग सिस्टम का शुभारंभ किया। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में भारत ने श्रीलंका को तकनीकी और आर्थिक सहायता मुहैया कराई है। बता दें कि भारतीय प्रधानमंत्री 4 अप्रैल की शाम को श्रीलंका की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर राजधानी कोलंबो पहुंचे थे।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर ट्वीट किया, ‘अपने मित्र, राष्ट्रपति अनुरा कुमारा के साथ अनुराधापुरा में।’ इस बीच लोग अनुराधापुरा रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति का इंतजार करते दिखाई दिए। श्रीलंकाई नागरिक रत्ना सेना ने कहा, ‘यह हमारे देश के लिए बहुत बड़ी बात है। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि भारत और श्रीलंका के बीच गहरी दोस्ती है।’ बता दें कि अनुराधापुरा एक बौद्ध तीर्थ शहर और वर्ल्ड हेरिटेज प्रॉपर्टी है। यह थेरवाद बौद्ध धर्म की जन्मस्थली भी है जो कंबोडिया, लाओस और म्यांमार सहित श्रीलंका में प्रमुख धर्म है। बौद्ध धर्म का यह रूप भारत, चीन, बांग्लादेश, नेपाल और वियतनाम में भी प्रचलित है।
‘श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान’ से सम्मानित
इससे पहले श्रीलंका की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान’ से सम्मानित किया था। श्रीलंका की सरकार यह सम्मान उन देशों के राष्ट्राध्यक्षों को देती है, जिनके श्रीलंका के साथ अच्छे संबंध होते हैं। भारत के ऐतिहासिक तौर पर श्रीलंका के साथ अच्छे संबंध रहे हैं। साथ ही जब श्रीलंका आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा था तो उस वक्त भी सबसे पहले भारत ने ही श्रीलंका के लिए मदद का हाथ बढ़ाया था।
‘भारत के 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान’
अब इन अच्छे संबंधों को ही मान्यता देते हुए श्रीलंका की सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान दिया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘मित्र विभूषण सम्मान’ का मेडल पहनाकर सम्मानित किया। सम्मान पाने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत के 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान है।
श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान के मेडल में क्या खास?
श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान में एक चांदी का मेडल होता है, जिसमें बना धर्म चक्र बौद्ध विरासत का प्रतीक है। इस बौद्ध विरासत ने भारत और श्रीलंका की सांस्कृतिक परंपराओं को आकार दिया है। मेडल में बना पुन कलश (एक औपचारिक बर्तन) समृद्धि और नवीनीकरण का प्रतीक है। मेडल में बने नवरत्न दोनों देशों के बीच अमूल्य और स्थायी दोस्ती का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूर्य और चंद्रमा प्राचीन अतीत से अनंत भविष्य तक फैले बंधन को दशार्ते हैं।