डीजीएमओ की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक सवाल के जवाब में एयर मार्शल एके भारती ने कहा, दिनकर जी हमारे राष्ट्र कवि रहे हैं। आपको राम चरित मानस की पंक्तियां याद दिलाना चाहूंगा- बिनय न मानत जलधि जड़ गए तीनि दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होइ न प्रीति। उन्होंने इस बयान के साथ पड़ोसी मुल्क के साथ-साथ पूरी दुनिया को कड़ा संदेश दिया।
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच आज लगातार दूसरे दिन भारतीय सेना के महानिदेशक स्तर के अधिकारियों ने प्रेस ब्रीफिंग की। पहले दिन की प्रेस वार्ता का आगाज शिव तांडव स्तोत्र के संगीत से हुआ था। आज सैन्य अधिकारियों के वक्तव्य से पहले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता- ‘कृष्ण की चेतावनी’ के अंशों का इस्तेमाल किया गया।
भारतीय सेना दहशतगर्दों के पनाहगाह पाकिस्तान को क्या संदेश देना चाह रही है? क्या पड़ोसी देश के अलावा भारत पूरी दुनिया को संदेश दे रहा है। इन सवालों पर एयरमार्शल एके भारती ने रामचरितमानस की पंक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि समझदार को इशारा ही काफी है।
एयरमार्शल भारती ने रामचरितमानस की पंक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि जब राम समुद्र तट पर उपासना और प्रार्थना कर रहे थे वहां तुलसीदास ने लिखा है– विनय न मानत जलधि जड़ गए तीन दिन बीत बोले राम सकोप तब.. भय बिनु होहीं न प्रीत।
इससे पहले एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि रविवार को हमने विस्तार से बताया था कि भारत ने किस तरह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कार्रवाई की थी। हमने स्पष्ट किया था कि हमने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था, पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों को नहीं। हालांकि, पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकियों के खिलाफ थी।
एयरमार्शल भारती ने कहा, 7 मई को हमने आतंकी ठिकानों पर ही हमला किया था, लेकिन पाकिस्तान ने आतंकवाद का साथ देने का फैसला किया। उनका जो भी नुकसान हुआ, इसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। हमारी तरफ से एयर डिफेंस सिस्टम देश के लिए दीवार की तरह खड़ा था। इसे भेदना दुश्मन के लिए नामुमकिन था। उनके अलावा डीजीएमओ राजीव घई ने भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तानी आतंकियों के पाप का घड़ा भर चुका था।