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मप्र में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि से फसलें तबाह, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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मध्यप्रदेश में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है. 30 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें 8 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई.

इससे गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है. फसलों में नुकसान के बाद किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं. किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे कराया जाए और उचित राहत राशि दी जाए.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों में हुए नुकसान के आंकलन को लेकर सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि असमय बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है, इसे लेकर प्रशासन को अलर्ट किया गया है. जहां फसलों में नुकसान हुआ है वहां जिला प्रशासन नुकसान का आकलन करे. उन्होंने कहा कि किसी भी किसान का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. प्रशासन को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं.

राजस्व मंत्री ने मुआवजे पर दिया बयान

प्रदेश में हुई असमय बारिश और ओलावृष्टि को लेकर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा न ेकहा कि सभी जिलों के कलेक्टरों को तत्काल स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में फसलें प्रभावित हुई हैं, वहां की रिपोर्ट 24 घंटे में मंगाई गई है. राजस्व मंत्री ने RBC 4 के तहत मुआवजे के प्रावधान की जानकारी दी…

50% से अधिक नुकसान पर — ₹32,000 प्रति हेक्टेयर

50% से कम नुकसान पर — ₹16,000 प्रति हेक्टेयर

25%–33% नुकसान पर — ₹9,500 प्रति हेक्टेयर

सरकार जल्द लेगी निर्णय

वहीं कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हितैषी है. जहां भी नुकसान हुआ है, वहां राहत देने का फैसला जल्द ही लिया जाएगा. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते कहा कि कांग्रेस संगटनात्मक रूप से कमजोर हो चुकी है और केवल बयानबाजी कर रही है.

उज्जैन में किसान ने की आत्महत्या

उज्जैन की तराना तहसील अंतर्गत एक 30 साल के किसान ने ओलावृष्टि और बारिश के कारण फसलों में हुए नुकसान के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक किसान ने 6 बीघा में गेंहू की फसल लगाई थी जो बारिश और ओलावृष्टि के कारण चौपट हो गई. मृतक अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला, अप्रैल में उसकी छोटी बहन की शादी थी. फसलों में हुए नुकसान के कारण उसने मौत को गले लगा लिया.

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