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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे शुभांशु शुक्ला, तस्वीरें की शेयर

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भारत के शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में प्रवेश करने के बाद वहां के चालक दल के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अंतरिक्ष स्टेशन के चालक दल ने एक्सिओम-4 मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन का स्वागत किया।

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य यात्री स्पेसएक्स का अंतरिक्ष यान ‘ड्रैगन’ के गुरुवार शाम अंतरिक्ष प्रयोगशाला से जुड़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंच गए। अंतरिक्ष यान उस समय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा जब यह भारतीय समयानुसार अपराह्न 4:01 बजे उत्तरी अटलांटिक महासागर के ऊपर से गुजर रहा था।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ ने एक बयान में कहा,  गुरुवार को सुबह 6:31 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 4:01 बजे) एक्सिओम मिशन-4 के तहत स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान चौथे निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा।  अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना होकर एक नया इतिहास रचने वाले भारतीय यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के साथ डॉकिंग से पहले अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अंतरिक्ष से सभी को नमस्कार कहा और बताया कि निर्वात में तैरना एक अद्भुत अनुभव रहा। उनके लिए यह सफर एक बच्चे की तरह सब कुछ सीखने जैसा है।

साझा किया अनुभव

अंतरिक्ष यान से वीडियो लिंक के जरिये भेजे संदेश में शुभांशु शुक्ला ने बताया, प्रक्षेपण के दौरान गुरुत्वाकर्षण बल का सामना करने के दौरान ऐसा महसूस हुआ जैसे हमें अपनी सीट पर पीछे धकेला जा रहा हो। यह एक अद्भुत सफर था और फिर अचानक कुछ भी महसूस नहीं हुआ सब कुछ शांत था और आप बस तैर रहे थे। हम बेल्ट खोलकर निर्वात में तैर रहे थे। भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने कहा कि निर्वात में जाने के बाद पहले कुछ क्षण तो अच्छे नहीं लगे लेकिन जल्द ही यह एक अद्भुत एहसास बन गया।

नासा के एक लाइव वीडियो में अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष स्टेशन के पास आते हुए दिखाया गया और डॉकिंग प्रक्रिया भारतीय समयानुसार अपराह्न 4:15 बजे पूरी हुई। अंतरिक्ष यान और आईएसएस के बीच संचार और ऊर्जा संपर्क स्थापित होने के साथ ही ‘डॉकिंग’ प्रक्रिया पूरी हो गई। करीब 6 बजे अंतरिक्ष स्टेशन का हैच खुला और सभी अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर दाखिल हुए।

अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन मिशन कमांडर हैं और शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के लिए मिशन पायलट हैं। इनके अलावा, हंगरी के अंतरिक्ष यात्री टिबोर कपू एवं पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की एक्सिओम-4 मिशन का हिस्सा हैं।

लखनऊ में जन्मे  शुक्ला अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं। इससे 41 साल पहले भारत के राकेश शर्मा 1984 में तत्कालीन सोवियत संघ के सैल्यूट-7 अंतरिक्ष स्टेशन के तहत कक्षा में आठ दिन रहे थे।

पोलैंड के इंजीनियर स्लावोज एक मिशन विशेषज्ञ और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री हैं। वह अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले अपने देश के दूसरे व्यक्ति बन गए हैं। मैकेनिकल इंजीनियर और मिशन विशेषज्ञ टिबोर कपू अंतरिक्ष में जाने वाले हंगरी के दूसरे यात्री बन गए हैं। हंगरी का आखिरी अंतरिक्ष मिशन 45 साल पहले हुआ था।

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