होम शिवराज
kuchh-punchh-vale-vaphadar-hain

कुछ पूंछ वाले वफादार हैं.....

राजगढ़ में चर्चा में आर्इं दोनों अफसर महिलाएं हैं। बोल्ड हैं। इसकी तो तारीफ करने में कोई परहेज नहीं होना चाहिए। जरूरतमंद किसी महिला को यदि कलेक्टर खुद अपना खून देने पहुंच जाएं तो इसे संवेदनशीलता का श्रेष्ठ उदाहरण भी माना जाना चाहिए। लेकिन एक राजनीतिक दल के प्रदर्शनकारियों पर जिनमें पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री तक शामिल हो, उसमें घुस कर कलेक्टर मुक्के बरसाए तो बात वाकई हजम होने वाली नहीं है। मैंने भोपाल में भाजपा और कांग्रेस के ढेरों राजनीतिक कार्यक्रम कवर किए हैं। इसलिए महिलाओं के साथ व्यवहार में कांग्रेस और भाजपा का फर्क मुझे अकेले ही नहीं, ढेरों पत्रकारों को समझ में आता है। इसलिए यह भी थोड़ी ताजुब्ब वाली बात है कि डिप्टी कलेक्टर की किसी कार्यकर्ता ने पहले चोटी खिंची होगी। एक बार मारपीट की नौबत अगर आ गई होगी तो फिर यह भी संभव हो सकता है।  आगे पढ़ें

politics-started-after-clash-in-tricolor-maharali-

तिरंगा महारैली में झड़प के बाद राजनीति शुरू, दिग्गी ने कहा- यह भाजपा की गुंडागर्दी, शिवराज ने अधिकारियों पर केस दर्ज करने की मांग

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में रविवार को तिरंगा महारैली में प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों की झड़प के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर पर केस दर्ज करने की मांग की है। वहीं, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा की गुण्डागर्दी करार दिया है। भाजपा का एक प्रतिनिधि मंडल मामले की जांच के लिए आज ब्यावरा का दौरा किया। दो घायलों को भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  आगे पढ़ें

gajab-kee-ye-gala-lagai

गजब की ये गला लगाई

प्रदेश सरकार के शरीर में दिग्विजय सिंह का स्थान नाक से कम नहीं है। इधर, इंदौर की सियासत में कैलाश विजयवर्गीय की भी यही भूमिका है। भाई लोगों ने अपने-अपने तरीके से यह अहम मुकाम हासिल किया है। इसलिए आज इंदौर में जब दो नाक यानी दिग्विजय और कैलाश एक-दूसरे से हाथ मिलाते साथ ही लिपट गये तो इसकी सियासी व्याख्या नहीं की जाना चाहिए। न कांग्रेसियों और न ही भाजपाइयों को यह शिकायत हो कि क्यों उनके नेता ने विरोधी गुट की शख्सियत के साथ ऐसा सामीप्य जताया।  आगे पढ़ें

cm-replied-to-shivrajs-letter-said-new-liquor-shop

सीएम ने शिवराज के पत्र का दिया जवाब, कहा- नहीं खुलेंगी नई शराब दुकानें, माफिया पर सख्ती से लगेगा अंकुश

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि राज्य सरकार माताओं और बहनों की सुरक्षा, नागरिकों के स्वास्थ्य और युवाओं के अच्छे भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। यह कहना आधारहीन हैकि नई आबकारी नीति में उप-दुकान खोलने के प्रावधान से नई शराब की दुकानें खुल रही हैं। यह जनता के बीच में भ्रम फैलाने की घृणास्पद राजनीति है। कमल नाथ ने कहा कि नई नीति से प्रदेश में शराब की दुकानें नहीं बढ़ेंगी बल्कि अवैध व्यापार करने वाले माफिया पर सख्ती से अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान ने नई आबकारी नीति की सत्यता जानने के बजाय जो अनर्गल प्रलाप किया है, उससे साफ है कि वे सिर्फ प्रचार पाने के लिए असत्य और भ्रामक बातें कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच यह है कि उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा शराब की दुकाने खोली गईं।  आगे पढ़ें

on-vijayvargiyas-statement-shivraj-said-will-lawsu

विजयवर्गीय के बयान पर शिवराज ने कहा- क्या जनता की आवाज उठाने पर मुकदमे बनाए जाएंगे

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को इंदौर आए। यहां मीडिया से चर्चा में उन्होंने भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के इंदौर में आग लगा देता वाले बयान पर कहा कि अब क्या जनता की आवाज उठाने पर मुकदमे बनाए जाएंगे? कितनों के खिलाफ मुकदमे करेंगे? विजयवर्गीय ने आंदोलन की आग की बात कही थी। मैं भी कह रहा हूं कि आंदोलन की आग लगेगी।  आगे पढ़ें

kise-jip-kahen-kise-illi

किसे जीप कहें, किसे इल्ली!!!

दिग्विजय सिंह की इस सलाह का ज्यादातर मंत्रियों ने पालन क्यों नहीं किया कि उन्हें भाजपा शासनकाल के ओएसडी को अपने स्टाफ में नहीं रखना चाहिए। हालांकि दिग्विजय सिंह यह बेहतर जानते भी होंगे कि जो स्टाफ में आए हैं, वे पहले भी उनकी सरकार के मंत्रियों के रह चुके भरोसे के ही लोग है जिन्होंने भाजपाईयों का भी भरोसा हासिल कर लिया था। यहां फिर एक सच्चे किस्से का जिक्र जरूरी हो जाता है। पटवा सरकार की बर्खास्तगी और दिग्विजय सिंह सरकार बनने के बाद मंत्री बने एक सज्जन अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। वह मंत्री शाम ढलने के बाद वाले अंगूर की बेटी के साये तले समय बिताते थे। उसी सुरूर में उन्होंने एक बात बताई थी। कहा कि पटवा शासनकाल में उन्हीं के विभाग के ओएसडी रहे एक अफसर ने फिर इसी पद के लिए आवेदन दिया है। अफसर ने मौखिक साक्षात्कार में यह बताया है कि जिस तरह वह पूर्व मंत्री की दैहिक एवं भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करता था, वैसा ही वर्तमान मंत्री के लिए भी कर सकता है। यह सिस्टम पर जोंक की तरह चिपके उस अफसर की योग्यता का वह अलिखित अंश था, जिस पर उसे सबसे अधिक गर्व महसूस हो रहा था।read more  आगे पढ़ें

rewa-corporation-commissioner-sent-a-notice-of-5-c

पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल को रीवा निगमायुक्त ने भेजा 5 करोड़ का नोटिस, शिवराज पर भी साधा निशाना

रीवा नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल को पांच करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा है। यादव ने नोटिस में कहा है कि आपने (शुक्ल ने) सार्वजनिक मंच से मेरा मानसिक संतुलन ठीक नहीं होने की बात कही। यह भी कहा कि आपके शासनकाल में मुझे वल्लभ भवन में बंद करके रखा गया और जंजीर से जकड़ दिया गया। इससे मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा गिरी है।  आगे पढ़ें

hamam-kee-divar-mein-naya-surakh

हमाम की दीवार में नया सुराख

मध्यप्रदेश के हनीट्रैप में नये खुलासे हुए हैं। वह चेहरे बेनकाब कर दिये गये हैं, जो इस कांड के शिकारी से लेकर शिकार तक की श्रेणी वाले लोग हैं। हमाम की दीवार में हुआ नया सुराख गौरतलब है। यह लंगोट सहित चरित्र के ढीलों की नंगी तस्वीर सामने रख रहा है। जो अफसर हनी में लिपटे प्रकट हुए, जिन्होंने एक तगड़ा माल देकर जान छुड़ायी तो नंगे पत्रकार बिरादरी के वे नामी उस्ताद भी हो गये, जिन्होंने इस पवित्र पेशे की मर्यादा का शील भंग करने में कोई कसर नहीं उठा रखी। वे मीडिया की बजाय मंडीकर्मी के रूप मेंं एक्सपोज हो चुके हैं। जिस्म की मंडी में एक अखबार मालिक सहित टी वी चैनल के पत्रकार, दलाल से लेकर ब्लैकमेलर के रूप में सामने आ चुके हैं। दो दिग्गज मंत्रियों के यहां पदस्थ अफसर जो उनके ओएडी कहे जाते थे, अब पता चला है कि दोनों ही विषकन्याओं के लिए ओ यस जी की भूमिका तक ही सिमट कर रह गये थे।  आगे पढ़ें

bjym-protested-against-the-policies-of-the-congres

भाजयुमो ने कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ किया प्रदर्शन, शिवराज ने कहा- कमलनाथ सरकार की खुली कलई, उतरा रंग

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदेश में कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ युवा आक्रोश आंदोलन के तहत प्रदर्शन किया। भोपाल में भाजयुमो ने यहां टीटी नगर क्षेत्र में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता प्रतिबंधित क्षेत्र में बेरीकेड्स हटाकर प्रवेश का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पहले से मुस्तैद पुलिस जवानों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। बाद में नारेबाजी कर रहे आंदोलनकारियों को बस में भरकर वहां से ले जाया गया।  आगे पढ़ें

question-on-kamal-nath-government-regarding-action

माफिया पर कार्रवाई को लेकर कमलनाथ सरकार पर सवाल, शराब माफिया को कौन दे रहा संरक्षण, डेढ़ महीने में भी रद्द नहीं हुआ सोम का लायसेंस

सोम डिस्टलरी और समूूह पर सरकार का संरक्षण शिवराज सरकार के दौरान भी कायम था और कमलनाथ सरकार आने के बाद भी उसकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। पिछली शिवराज सरकार ने अपने लंबे कार्यकाल में किसी भी नई डिस्टलरी को प्रदेश में अनुमति नहीं दी थी। लेकिन कांग्रेस सरकार बनने के बाद ही सोम ने अपनी उत्पादन क्षमता तीन करोड़ लीटर से अट्ठारह करोड़ लीटर करने के प्रयास शुरू कर दिए थे। इस मामले को मुख्यमंत्री कमलनाथ के हस्तक्षेप से फिलहाल रोक लिया गया है लेकिन आबकारी विभाग के कुछ आला अफसर इस जुगाड़ में थे कि सोम को उत्पादन क्षमता बढ़ाने की अनुमति दे दी जाए। एक गंभीर तथ्य यह भी है कि यह शराब समूह आबकारी विभाग में ही डिफाल्टर होकर काली सूची में दर्ज नहीं है बल्कि औद्योगिक विकास निगम का भी डिफाल्टर है। आबकारी विभाग को तो इससे करीब सौलह करोड़ रूपए की ही वसूली करना है। लेकिन औद्योगिक विकास निगम को सोम से करीब 265 करोड़ की वसूली करना है। read more  आगे पढ़ें

Previous 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10  ... Next 

प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति