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कांग्रेस को झटका: उर्मिला मातोंडकर ने दिया इस्तीफा, पार्टी में गुटबाजी की वजह से लिया फैसला

उर्मिला ने इस्तीफे में लिखा, ''पहली बार मन में इस्तीफे का विचार तब आया था जब 16 मई को लिखे मेरे पत्र पर तत्कालीन मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद इस गोपनीय संवाद को बड़ी आसानी से मीडिया में लीक कर दिया गया। यह मेरे साथ छल था।'' दरअसल, लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले उर्मिला ने खत में अपनी हार के लिए स्थानीय नेताओं पर उंगली उठाई थी। हार के लिए कमजोर रणनीति, कार्यकतार्ओं की अनदेखी और फंड की कमी को जिम्मेदार बताया था।  आगे पढ़ें

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प्रियंका बन सकती हैं यूपी की प्रभारी, संगठन में कर सकती है बड़ा बदलाव

सुत्रों के मुताबिक, हर जिले में एक महिला कार्यकर्ता को बतौर उपाध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। दलित और ओबीसी नेताओं को भी पर्याप्त जगह दी जाएगी। हर किसी को कार्य करने के लिए लक्ष्य दिए जाएंगे। पार्टी की नजर 2022 के विधानसभा चुनाव पर है। प्रियंका ने प्रदेश में कांग्रेज को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य भर के नेताओं से मुलाकात की। शुक्रवार को भी उन्होंने प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता से मुलाकात की थी। अखिल भारतीय कांग्रेस के सचिव भी इस समय दौरे पर हैं। बताया जा रहा है कि पहले पश्विमी उत्तर प्रदेश में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति राज्य के नए प्रदेश अध्यक्ष करेंगे। बाद में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी।  आगे पढ़ें

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स्मृति शेष: पीएम पद के लिए मोदी के नाम सर्वसम्मति बनाने में जेटली का सबसे ज्यादा योगदान, शाह के भी रहे भरोसेमंद

2014 में लोकसभा चुनाव के पहले जब मोदी को भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने पर विचार किया तो यह बहुत आसान काम नहीं था। कहा जाता है कि जेटली ही वो चेहरा थे जिन्होंने वरिष्ठ और कनिष्ठ नेताओं को मोदी के नाम पर राजी किया। इतना ही नहीं, 2002 के गुजरात दंगों के बाद मोदी की कानूनी दिक्कतें दूर करने की जिम्मेदारी भी जेटली ने ही संभाली। 2010 में सोहराबुद्धीन शेख मामले में जमानत मिलने के बाद कोर्ट ने अमित शाह के गुजरात प्रवेश पर जब रोक लगा दी, तो शाह सबसे पहले जेटली के घर गए और मदद मांगी। जेटली के कानूनी प्रयासों की वजह से बाद में कोर्ट ने यह रोक हटा ली थी।  आगे पढ़ें

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सोनिया की वापसी ने राहुल के राजनीतिक भविष्य का रास्ता किया तंग!

राहुल के इस्तीफे के बाद ढाई महीने तक नए अध्यक्ष की खोज की कवायद चलती रही, लेकिन पूरी पटकथा इस तरह से तैयार हुई कि अंतत: कमान सोनिया के हाथों ही रहे। बदले हुए हालात में राहुल की वापसी निकट भविष्य में मुश्किल दिखती है। कहा जा रहा है कि भले ही सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया हो, लेकिन यह व्यवस्था कुछ महीनों की न होकर अगले दो-तीन सालों की हो सकती है। उसके बाद, कमान प्रियंका गांधी के हाथ जा सकती है।  आगे पढ़ें

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75 दिन बाद 10 अगस्त को होगी सीडब्ल्यूसी की बैठक, हो सकता है अध्यक्ष पर फैसला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने कहा कि अगर प्रियंका पार्टी अध्यक्ष बनती हैं तो वे कैडर में अधिक जोश भर सकती हैं क्योंकि उनमें लोगों को एकजुट करने की ताकत है। उन्होंने कहा, वह बहुत तेज युवा महिला हैं। उन्होंने सोनभद्र में पीड़िता से मिलने के मामले पर बहुत बढ़िया काम किया था। वह अच्छा बोलती हैं और खुद को बेहतर तरीके से पेश कर पाती हैं। अगर प्रियंका की इच्छा है तो उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सच है कि नेतृत्व तय करने में देरी से पार्टी को नुकसान हुआ और ज्यादा विलंब से नुकसान बढ़ेगा।  आगे पढ़ें

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नाकामी ए किस्मत क्या शय है.....

अमेठी के राजा संजय सिंह गांधी परिवार और खासकर संजय गांधी के खास लोगों में गिने जाते रहे हैं। उनकी पहली पत्नी गरिमा सिंह इस समय अमेठी से भाजपा की विधायक हैं। और दूसरी पत्नी कभी बेडमिंटन खिलाड़ी रही अमिता मोदी, विधानसभा का चुनाव हारी थीं। संजय सिंह 1989 में जनता दल में शामिल हुए थे। जनता दल से राज्यसभा में रहे फिर 1998 में भाजपा में शामिल हो गए और लोकसभा का चुनाव जीता। फिर सोनिया के कांग्रेस में आगमन पर सोनिया से हारे और वापस कांग्रेस में आ गए। जाहिर है संजय सिंह की निष्ठाएं बदलती रही हैं। पर इस बार उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का जो कारण बताया है, वो शायद कांग्रेस के पतन की स्थिति का एक बड़ा कारण भी है। संजय सिंह ने कहा है कि कांग्रेस में संवादहीनता की स्थिति है। संजय सिंह के इस आरोप ने हेमंत बिस्वा शर्मा की याद भी ताजा कर दी। हेमंत इस समय असम की भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री और उत्तर पूर्व में भाजपा का जनाधार मजबूत करने वाले एक बड़े नेता के तौर पर स्थापित हैं। read more  आगे पढ़ें

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इजरायल के चुनाव में प्रचार में मोदी की धमक, बैनर में नेतन्याहू के साथ आ रहे नजर

इजराइल पत्रकार अमिचाई स्टीन ने रविवार को एक इमारत के बाहर लगे पीएम मोदी की तस्वीर वाले बैनर की फोटो ट्विटर पर साझा की है। इसी इमारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बैनर भी लगे हैं। सराइल में 17 सितंबर को चुनाव होने हैं। बैनर के जरिए इसराइल के मौजूदा प्रधानमंत्री नेतन्याहू द्वारा विश्व के प्रमुख नेताओं के साथ मिलकर देश को मजबूत करने की कोशिशों को दिखाया गया है। भारत व इसराइल के बीच व्यापक आर्थिक, सैन्य व रणनीतिक साझीदारी है, जो हाल के दिनों में और मजबूत हुई है।  आगे पढ़ें

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बयान को लेकर फिर चर्चा में साध्वी, कहा- हम नाली या शौचालय साफ करने के लिए सांसद नहीं बनाए गए

जानकारी अनुसार रविवार को दोपहर करीब 2.15 बजे साध्वी प्रज्ञा रेस्ट हाउस पहुंची। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि वे किसी की शिकायत न करें सबको अपना काम करने दें। मेरे पास कार्यकर्ता शिकायत करने के लिए मेसेज भेजते हैं। पार्षद क्या कर रहे हैं। यह देखना या पार्षदों के काम करने के लिए मैं सांसद नहीं बनी मुझे मेरा काम ईमानदारी से करने दिया जाए। कार्यकर्ताओं के भाव को मैं समझती हूं। मैंने लंबा नेतृत्व किया है। जिसके कारण मैं उनके भाव अच्छे से समझ सकती हूं। कार्यकर्ता भी हमें अपना काम करने दें। इसक साथ ही उन्होंने आरीफ अकील के विवादित बयान की कि वो भाजपा के तीन टुकड़े कर देंगे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वो खुद अपनी पार्टी देखें। उनका अस्तित्व ही खतरे में है और वे हमारे तीन टुकड़े करने की बात कर रहे हैं।  आगे पढ़ें

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बर्खास्त बीएसएफ जवान की याचिका पर पीएम को भेजा नोटिस

बता दें कि चुनाव के समय तेज बहादुर यादव की उम्मीदवारी खारिज हो गई थी। निर्वाचन अधिकारी ने तेज बहादुर का नामांकन रद्द कर दिया था। नामांकन रद्द होने पर तेज बहादुर ने कहा था, 'मेरा नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया। इस मामले में मैंने सबूत दिए भी। इसके बावजूद मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया। हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।' हालांकि, बाद में उच्चतम न्यायालय ने तेज बहादुर की याचिका खारिज कर दी थी।  आगे पढ़ें

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कबीर भजन गायक टिपानिया सहित 4 सड़क दुर्घटना में घायल, एक की मौत

जानकारी अनुसार हादसा गुरुवार दोपहर करीब सवा तीन बजे हुआ। टिपानिया पांच लोगों के साथ कार से भोपाल जा रहे थे। वे खड़ीजोड़ पर एक वाहन को ओवरटेक करने लगे, तभी सामने गाय आ गई। ड्राइवर ने कार को तुरंत नीचे कच्ची रोड पर उतारा और फिर सड़क पर चढ़ाते हुए तेजी से आगे बढ़ाई। इससे कार असंतुलित होकर पलट गई। आष्टा में प्राथमिक उपचार के बाद सभी को देवास भेजा गया। टिपानिया के साथ योगेश पटेल उर्फ मामू निवासी बालगढ़, पूर्व पार्षद व कांग्रेस नेता प्रदीप चौधरी निवासी बालगढ़ी, जगदीश रंदनखेड़ी, चिड़ावद और चालक तुलसी उर्फ लखन निवासी बालगढ़ सवार थे।  आगे पढ़ें

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