नई दिल्ली। हरियाणा के शिकोहपुर जमीन घोटाले केस में कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा मुश्किलों में फंसते दिखाई दे रहे हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रॉबर्ट वाड्रा पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी ने जमीन घोटाले मामले में पूछताछ के लिए एक बार फिर समन भेज कर उन्हें तलब किया है। रॉबर्ट वाड्रा को आज मंगलवार को ही ईडी के सामने पेश होना होगा। बता दें कि इससे पहले ईडी ने 8 अप्रैल को भी रॉबर्ट वाड्रा को समन भेजा था, लेकिन तब वह ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे।
रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम में 3. 53 एकड़ जमीन 7. 50 करोड़ की कीमत पर कॉलोनी डेवलप करने के नाम पर दी गई थी। आरोप है कि हरियाणा सरकार से कम दाम पर मिली इस जमीन को डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को बेचकर रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने करोड़ों का मुनाफा कमाया था। रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने 18 सितंबर 2012 को सेल डील के जरिए इस जमीन को तो डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को बेच दिया था लेकिन हरियाणा सरकार के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने लाइसेंस को ट्रांसफर करने की फाइनल परमिशन नहीं दी थी।
क्या है शिकोहपुर जमीन घोटाला?
यह मामला 2008 का है। उस समय हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा थे। हरियाणा सरकार ने इस जमीन में से 2. 70 एकड़ जमीन को कमर्शियल कॉलोनी के तौर पर डेवलप करने की इजाजत देते हुए रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी को लाइसेंस दिया था। लेकिन कॉलोनी विकसित करने की बजाय रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने इस जमीन को 2012 में 58 करोड़ रुपये में डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को बेच दिया था। ईडी को शक है कि वाड्रा ने मनी लॉन्ड्रिंग की है।