मोहन यादव कैबिनेट के फैसले के विरोध में 6 अगस्त से राजस्व का काम बंद करने वाले तहसीलदार और नायब तहसीलदार कल से काम पर लौटेंगे। प्रमुख सचिव राजस्व, प्रमुख राजस्व आयुक्त के साथ हुई चर्चा के बाद मप्र कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (राजस्व अधिकारी) संघ ने काम पर लौटने के संकेत दिए हैं। साथ ही कहा है कि वे सरकार की ओर से पूर्व में जारी निर्देशों में किए जाने वाले संशोधित आदेश का भी इंतजार कर रहे हैं।
सोमवार को प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय में प्रमुख राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव, अपर सचिव राजस्व संजय कुमार तथा अन्य अधिकारियों ने प्रदेश के कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। बैठक में 6 अगस्त से चल रहे तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के विरोध को समझने को लेकर चर्चा की गई है। कई मुद्दों पर सहमति बनी है।
बताया जाता है कि प्रमुख राजस्व आयुक्त के साथ हुई मीटिंग के बाद प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल से भी कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की है। जिस पर प्रमुख सचिव पोरवाल ने पदाधिकारियों को संशोधित आदेश जारी कराने के लिए आश्वस्त किया है।
बैठक में इन बिंदुओं पर बनी सहमति
संघ के पदाधिकारियों और अफसरों के मुताबिक दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में जिन बिंदुओं पर सहमति बनी है उसमें न्यायिक और गैर न्यायिक शब्दावली में बदलाव किया जाएगा।
संघ का प्रस्ताव है कि गैर न्यायिक शब्द हटाया जाए जिसके स्थान पर कार्यपालिक दंडाधिकारी शब्द का उपयोग किया जाएगा। इस पर शासन ने सहमति दी है।
जिलों में अभी लागू की गई व्यवस्था में जिला मुख्यालय में पदस्थ और फील्ड में पदस्थ तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की संख्या पर की गई आपत्ति को भी शासन ने बदलने पर सहमति दी है जिसके लिए कलेक्टरों से अभिमत लेकर संख्या तय की जाएगी।
राजस्व अधिकारियों ने रेवेन्यू कोर्ट के मर्जर का विरोध किया जिस पर आश्वस्त किया गया है कि कोर्ट का मर्जर नहीं किया जाएगा।
तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के ग्रेड पे को लेकर उठाए गए मुद्दे पर सोमवार को हुई मीटिंग में कोई सहमति नहीं बन सकी है और इसके लिए अलग से चर्चा करने की बात शासन के अफसरों ने की है।
राजस्व अधिकारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को भी ज्ञापन सौंपा है।
राजस्व अधिकारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को भी ज्ञापन सौंपा है।
प्रमुख सचिव से कहा- आंदोलन वापस ले रहे
राज्य शासन के अफसरों के अनुसार राजस्व अधिकारी संघ के पदाधिकारियों ने चर्चा के बाद प्रमुख सचिव पोरवाल को आश्वस्त किया है कि वे 6 अगस्त से बंद काम चालू कर देंगे। इस मामले में जब संघ के पदाधिकारियों से चर्चा की गई तो वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन कुंभकार ने बताया कि रेवेन्यू के काम के अलावा सारे काम करेंगे।
जब शासन की ओर से दिए गए आश्वासन के आधार पर संशोधित आदेश जारी हो जाएगा तो काम पर लौट आएंगे। इनके अनुसार संशोधित आदेश सोमवार देर शाम तक जारी हो सकते हैं।
मुख्य सचिव के साथ हुई प्रमुख राजस्व आयुक्त की बैठक
प्रमुख सचिव राजस्व विभाग विवेक पोरवाल ने संघ के पदाधिकारियों से चर्चा के बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन से मिलकर उन्हें संघ की मांगों को लेकर बनी सहमति के बारे में जानकारी दी है। मुख्य सचिव जैन की अनुमति के बाद ही राजस्व विभाग इस मामले में संशोधित आदेश जारी करेगा।
भू-अभिलेख अधिकारी संघ ने प्रमुख सचिव राजस्व को सौंपा ज्ञापन
बैठक के दौरान भू अभिलेख अधिकारी संघ ने एसएलआर और एएसएलआर के लिए सरकार द्वारा लागू की गई मर्जर व्यवस्था का समर्थन करने संबंधी ज्ञापन सौंपा गया।
इसमें कहा गया है कि तहसीलदार और एसएलआर कैडर के मर्ज होने का नोटिफिकेशन राजपत्र में नहीं होने से अभी भी दोनों ही कैडर के नाम अलग-अलग लिखे जा रहे हैं। इसलिए भ्रम हो रहा है कि मर्ज व्यवस्था लागू हुई है या नहीं हुई है। इसके लिए संघ ने राजपत्र में इसका प्रकाशन कराने का आग्रह प्रमुख सचिव राजस्व से किया है।
संघ ने यह भी मांग रखी है कि न्यायिक और गैर न्यायिक शब्द को हटाने के मामले में भी विचार किया जाए क्योंकि जो न्यायालय में बैठा है वह न्यायालयीन काम कर रहा है लेकिन जो कार्यपालिक मजिस्ट्रेट का काम कर रहा है वह भी न्यायलयीन काम कर रहा है।
यह भी कहा है कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सेटअप उपलब्ध कराया जाए।
जीएडी के ग्रेडेशन सिस्टम के अनुसार क्रमोन्नति दी जाए। संघ ने काम पर वापस आने की बात कही है।