मध्य प्रदेश के सागर जिले में मूंग खरीदी में गड़बड़ी को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है और न्यायिक जांच की मांग की है। पटवारी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मामले की न्यायिक जांच करवाई जाए नहीं तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
जीतू पटवारी ने पत्र में लिखा कि सागर जिले में 47,744 हेक्टेयर में मूंग बोई गई। कुल संभावित उत्पादन 3,72,403 क्विंटल हुआ। लेकिन, मंडी और समर्थन मूल्य पर खरीदी दिखाई गई 4,26,998 क्विंटल। यानी 54,595 क्विंटल मूंग “हवा” से पैदा हो गई। पटवारी ने लिखा कि क्या भाजपा सरकार बताएगी कि यह अतिरिक्त मूंग कहां से आई? क्योंकि, सच्चाई तो यही है कि यह मूंग किसानों के खेत से नहीं, बल्कि व्यापारियों के गोदामों से आई और अधिकारियों ने 1200 से 1500 प्रति क्विंटल कमीशन लेकर उसे सरकारी खरीदी में समायोजित कर लिया।
कांग्रेस अध्यक्ष की मुख्यमंत्री से मांग
1- सागर जिले के मूंग खरीदी घोटाले की न्यायिक जांच करवाई जाए !
2- घोटाले में संलिप्त खरीदी केंद्र प्रभारियों, अधिकारियों और व्यापारियों की गिरफ्तारी हो !
3- जिम्मेदार मंत्रियों और शासन के शीर्ष अधिकारियों की राजनैतिक और प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाए !
4- इस घोटाले से किसानों हुए नुकसान की प्रतिपूर्ति मुआवजा के रूप में दी जाए।
5- समर्थन मूल्य खरीदी प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए।
सड़कों पर उतरने की चेतावनी
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने लिखा कि मुख्यमंत्री जी,यह मुद्दा केवल एक जिले का नहीं है। यह आपके शासन में भ्रष्टाचार के सड़ी-गली जड़ों का आईना है। अगर इस घोटाले पर पुख्ता कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी इसे “मोहन का मिशन, सिर्फ कमीशन” जैसे आंदोलन की शक्ल देगी और सड़कों पर उतरेगी ! आपकी सरकार को “किसान चौपाल” में जवाब देने के लिए मजबूर भी करेगी ! गेहूं, धान, सोयाबीन के समर्थन मूल्य पर खुली धोखाधड़ी के बाद मप्र के किसानों के मन में यह बात बहुत साफ हो गई है कि भाजपा सरकार किसानों की नहीं, कमीशनखोरों की सरकार बन चुकी है!