मध्य प्रदेश बोर्ड ने इस वर्ष 10वीं व 12वीं की पहली परीक्षा में असफल या अनुपस्थित रहे कुल 3,44,498 विद्यार्थियों को दोबारा सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हुए ‘द्वितीय परीक्षा’ का आयोजन करने का निर्णय लिया है। यह परीक्षा 17 जून से कक्षा 10वीं के लिए 26 जून तक तथा कक्षा 12वीं के लिए 5 जुलाई 2025 तक आयोजित की जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया 21 मई 2025 तक चलेगी, जिसमें प्रत्येक विषय के लिए 500 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। राज्य ओपन बोर्ड की ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत भी परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं, लेकिन इस बार ओपन बोर्ड में छात्रों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।
आवेदन प्रक्रिया और शुल्क
द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थी पहले ही प्रथम प्रयास में पंजीकृत विद्यालय के माध्यम से mponline.gov.in पर 21 मई मध्यरात्रि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। प्रत्येक विषय के लिए एक समान रूप से 500 रुपये का शुल्क देय होगा।
आवेदन के दौरान विषयों में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा; केवल वे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने पहली परीक्षा में कोई विषय असफल या अनुपस्थित दिया था। प्रथम प्रयास में सफल हुए छात्र भी किसी एक विषय में अंक सुधार हेतु द्वितीय परीक्षा में पंजीकरण करा सकते हैं।
परीक्षा कार्यक्रम और केंद्र
द्वितीय परीक्षा दोनों कक्षाओं के लिए समवेत रूप से 17 जून 2025 को प्रातः 9:00 बजे से शुरू होकर कक्षा 10वीं की परीक्षा 26 जून तक और कक्षा 12वीं की परीक्षा 5 जुलाई तक चलेगी।
प्रत्येक दिन परीक्षा अवधि तीन घंटे (9:00–12:00) निर्धारित की गई है। पहले परीक्षा के केंद्र एवं समय-सारणी के अनुरूप ही परीक्षा केंद्र चयनित होंगे, जिससे छात्रों को अतिरिक्त भ्रम से बचाया जा सके।
अंकावली व अस्थायी प्रवेश
परीक्षा परिणाम घोषित होने के पश्चात् द्वितीय परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों को अंकसूची उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें मुख्य अंकसूची की तरह विषयों के समक्ष कोई विशेष चिह्न नहीं होगा पर शीर्षक में ‘द्वितीय परीक्षा’ अंकित रहेगा।
परिणाम आने तक विद्यार्थियों को अगली कक्षा में अस्थायी प्रवेश दिया जाएगा; द्वितीय परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर उनकी उपस्थिति भी मान्य मानी जाएगी।
मध्य प्रदेश स्टेट ओपन बोर्ड ने परंपरागत पूरक परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत पुनः परीक्षा का आयोजन शुरू कर दिया है।
हालांकि इस बार ओपन बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या कम रहने का अनुमान है, क्योंकि माध्यमिक शिक्षा मंडल स्वयं द्वितीय परीक्षा आयोजित कर रहा है। दोनों परीक्षाएं समांतर रूप से संचालित होंगी और छात्र अपनी सुविधा अनुसार इनमें भाग ले सकेंगे।
उदय प्रताप सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस नई व्यवस्था से न केवल असफल विद्यार्थी पुनः परीक्षा देकर कैरियर सुधार पाएंगे, बल्कि ओपन बोर्ड के छात्र भी ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत सीखने की राह जारी रख सकेंगे।