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निहितार्थ

बनर्जी की भाजपा से हिंसक एलर्जी

देश की न्याय व्यवस्था (judicial system) में आम जनता का यकीन और और बढ़ गया है। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मौजूदा वर्ष 2021...

जड़ में जाकर इस गलती को सुधारे भाजपा

यह अंहकार है? मूर्खता है? मदहोशी है? या फिर है इन सबका मिला-जुला असर? राष्ट्र और राष्ट्रवाद (nation and nationalism) को अपनी प्राथमिकता में...

कांग्रेस की कहानी ‘ये ठहरा हुआ पानी’

राजनीतिक विज्ञापन (political advertising) उसे प्रायोजित करने वाले के लिए किसी इन्वेस्टमेंट (investment) की तरह होते हैं। इसमें सबसे खास ध्यान इस बात का...

तेरी रीढ़ का मर्ज तेरी ही गलती से गहरा हुआ होगा

मध्यप्रदेश विधानसभा Madhya Pradesh Legislative Assembly() का चार दिन वाला सत्र दूसरे ही दिन, वो भी कार्यवाही के बीच में ही अचानक अनिश्चित काल...

कैसे रोकोगे ऐसे तूफान को !

फिल्म थी आनंद मठ। गीत के बोल, 'कैसे रोकोगे ऐसे तूफान को।' अचानक इस फिल्म की याद नहीं आई है। खबर थी कि मध्यप्रदेश...

जल्दी ही दूसरा कदम भी उठायें मोदी 

घोड़े की सवारी या रोलर स्केट की रफ़्तार, इनका या इन जैसी किसी भी गतिविधि का आनंद लेना हो तो पहला कदम बढ़ाने के...

ऐसे कोढ़ का स्थायी इलाज बहुत जरूरी

और कोई मौका होता तो दस्तूर तो यही था कि बात हमारे देश की बेटी वंदना कटारिया (Vandana Kataria) की उपलब्धियों से शुरू की...

मिश्रा के मामले में इस अंतर को समझते हैं सभी

निहितार्थ: इसे पब्लिसिटी स्टंट (publicity stunt) कहना शायद ठीक नहीं होगा। अलबत्ता इस सबको खालिस रूप से दूसरों की खातिर जान पर खेल जाने...

ये ‘चायचारा’ क्या राहुल को लाभ दिला सकेगा

निहितार्थ: .....इसीलिये मम्मी ने मेरी तुम्हें चाय पे बुलाया है। यह अपने समय का मशहूर गाना है। सुबह अखबार पढ़ते हुए ये गीत दोहरा...

इस कड़वी दवा का सेवन करेंगे अरुण यादव?

निहितार्थ: अरुण यादव (Arun Yadav) ने बिलकुल सही फ़रमाया। खुद के लिए कहा की वह ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) नहीं हैं। वास्तव में इन...

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